अमेरिका ने बलूच लिबरेशन आर्मी और मजीद ब्रिगेड को घोषित किया आतंकी संगठन, PAK आर्मी चीफ आसिम मुनीर के US दौरे के बीच ऐलान

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय विद्रोही संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसके सहयोगी मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकी संगठन (FTO) की सूची में डाल दिया है। यह ऐलान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार देर रात किया। अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह कदम आतंकवाद के खिलाफ उनकी वैश्विक प्रतिबद्धता को दर्शाता है और आतंकी संगठनों की फंडिंग व नेटवर्क सपोर्ट पर सीधा असर डालेगा।
हालिया हमलों के बाद कड़ा कदम
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, BLA ने 2024 में कराची एयरपोर्ट और ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स के पास आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी ली थी। वहीं मार्च 2025 में इस संगठन ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर 31 लोगों की हत्या कर दी थी, जबकि 300 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया था।
मार्को रुबियो ने कहा, "ऐसे संगठन वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा हैं। इन्हें FTO लिस्ट में डालना उनके वित्तीय व परिचालन समर्थन को खत्म करने का असरदार तरीका है।"
FTO लिस्ट में डालने के मायने
अमेरिका के लिए खतरा माने जाने वाले संगठन- FTO लिस्ट में वही संगठन शामिल होते हैं जो अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति या नागरिकों के लिए खतरा माने जाते हैं।
सहायता देने पर कानूनी कार्रवाई- किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा इन संगठनों को पैसे, हथियार या अन्य सहयोग देना आपराधिक अपराध माना जाएगा और उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
संपत्ति जब्ती- अमेरिका में मौजूद BLA और मजीद ब्रिगेड की संपत्तियों को जब्त किया जा सकेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनके नेटवर्क को खत्म करने के लिए सहयोग बढ़ाया जाएगा।
बलूचिस्तान में दशकों से सक्रिय है BLA
- BLA कई दशकों से पाकिस्तान के खनिज-समृद्ध बलूचिस्तान प्रांत की आजादी की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार ने बलूच लोगों के अधिकार छीने हैं और उनके प्राकृतिक संसाधनों का शोषण कर रही है।
- BLA अपनी गोरिल्ला युद्ध शैली के लिए कुख्यात है, जैसे पहाड़ी इलाकों में छिपकर हमला करना और तुरंत लौट जाना। यह पाकिस्तानी सेना, सरकारी प्रतिष्ठानों और चीनी परियोजनाओं (CPEC) को निशाना बनाता रहा है।
- 2019 में भी अमेरिका ने BLA को "स्पेशली डिज़िग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट" (SDGT) की सूची में डाला था, लेकिन इसके बाद भी संगठन ने कई बड़े हमले किए।
पाकिस्तानी आर्मी चीफ की अमेरिका यात्रा से जुड़ाव
अमेरिका का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पाकिस्तानी आर्मी चीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर डेढ़ महीने में दूसरी बार अमेरिका पहुंचे हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने वैश्विक स्तर पर बलूच विद्रोहियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान और अमेरिका के बीच हाल के दिनों में बने मधुर रिश्तों का परिणाम भी है।
पहले TRF पर भी कार्रवाई
इससे पहले 18 जुलाई 2025 को अमेरिका ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को भी FTO और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) सूची में शामिल किया था। TRF, लश्कर-ए-तैयबा का एक मुखौटा संगठन है और अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे।
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