Download on the App StoreGet it on Google Play
🌤️
--Bhopal, India

PlayBreaking News

UP के स्कूलों में अव्यवस्था पर CM योगी सख्त, Gen Alpha के प्रदर्शन के बाद अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

उत्तर प्रदेश के स्कूलों में अव्यवस्थाओं और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव समेत कई जिलों में सामने आई शिकायतों के बाद अधिकारियों को छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
Follow on Google News
UP के स्कूलों में अव्यवस्था पर CM योगी सख्त, Gen Alpha के प्रदर्शन के बाद अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
स्कूलों में अव्यवस्थाओं को लेकर CM योगी आदित्यनाथ का निर्देश

उत्तर प्रदेश के स्कूलों में सामने आ रही अव्यवस्थाओं और छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि शिक्षण संस्थानों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न किया जाए। जहां भी छात्रों या स्कूलों से जुड़ी शिकायतें सामने आएं, वहां तुरंत जांच कर समस्या का समाधान कराया जाए। CM योगी ने कहा कि किसी भी छात्र या छात्रा को अपनी मूलभूत सुविधाओं और स्कूल से जुड़ी समस्याओं के लिए आंदोलन या प्रदर्शन करने की स्थिति में नहीं आना चाहिए। अधिकारियों को समय सीमा तय करके शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कई जिलों में छात्रों ने किया प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव समेत कई जिलों में छात्र-छात्राओं ने स्कूलों से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया है। कहीं स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें सामने आईं, तो कहीं मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर छात्र और अभिभावक परेशान नजर आए। इन घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने। स्कूलों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए।

CM योगी ने बताया आजादी का असली मतलब! बोले- 'गरीबी, अशिक्षा और असमानता से भी चाहिए मुक्ति'

लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि स्कूलों में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अगर किसी शिक्षण संस्थान में लंबे समय से समस्या बनी हुई है और अधिकारी उसका समाधान नहीं करा रहे हैं, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। सरकार का फोकस केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने पर नहीं, बल्कि पहले से स्कूलों की व्यवस्थाओं की जांच करने पर भी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों की स्थिति पर नजर रखें।

स्कूलों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

शिक्षण संस्थानों की समस्याओं की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी अलग-अलग जिलों और स्कूलों में सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी रखेंगे। इसके साथ ही शिकायतों के समाधान की प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी समस्या की शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग ने उस पर क्या कार्रवाई की और समस्या का समाधान हुआ या नहीं।

छात्रों की शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि छात्र-छात्राओं की समस्याओं को सामान्य शिकायत मानकर टालना नहीं चाहिए। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। सरकार चाहती है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिले और उन्हें स्कूल में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

DM और मंडलायुक्त भी करेंगे निगरानी

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर स्कूलों या छात्रों से जुड़ी शिकायत सामने आने पर उसकी जांच कराई जाए। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर जवाब देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर सामने आने वाली शिकायतों की सच्चाई का पता लगाना और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना है।

PoK और सिंध का जिक्र कर बोले CM योगी- 1947 में देश की कीमत पर सत्ता चुनी गई, इतिहास से सबक लेने की जरूरत

बारिश के मौसम में स्कूलों की सफाई पर विशेष ध्यान

बारिश के मौसम को देखते हुए स्कूलों में सफाई और जलभराव की समस्या को लेकर भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में गंदगी या पानी जमा होने की स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।  इसके लिए ब्लॉक स्तर पर टीमें बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ये टीमें स्कूलों का निरीक्षण करेंगी और जहां जलभराव, गंदगी या अन्य समस्याएं मिलेंगी, वहां उन्हें दूर कराने की कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल की हर जरूरी सुविधा की होगी जांच

सरकार ने स्कूलों में मौजूद बुनियादी सुविधाओं की जांच पर भी जोर दिया है। अधिकारियों को पठन-पाठन की व्यवस्था के साथ स्कूल किचन शेड, बिजली के उपकरण और पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी कमी मिले, उसे जल्द ठीक कराने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चों को स्कूल में सुरक्षित और साफ वातावरण मिले और पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो।

किताब, यूनिफॉर्म और बैग की राशि समय पर मिले

प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। छात्रों के लिए पाठ्य-पुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्कूल बैग की निर्धारित राशि शत-प्रतिशत अभिभावकों के बैंक खातों तक पहुंचाने को कहा गया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश हैं कि इन सुविधाओं का सही तरीके से इस्तेमाल हो रहा है या नहीं।

शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति पर भी नजर

स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाया जाए और शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचें। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन समितियों को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्कूलों की व्यवस्थाओं में स्थानीय स्तर पर भी निगरानी और सहयोग बना रहे।

दिल्ली दौरे पर सीएम योगी: पीएम मोदी और नितिन नवीन से की मुलाकात

अभिभावकों से भी नियमित संवाद की तैयारी

सरकार ने स्कूल प्रबंधन से छात्रों और अभिभावकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने को कहा है। इसका मकसद है कि छोटी समस्याएं बड़ी शिकायत या प्रदर्शन का रूप लेने से पहले ही उनका समाधान किया जा सके।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

Latest Posts