दिल्ली में वकीलों का हल्लाबोल, NALSAR विवाद के बीच BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग, CJP ने दिया समर्थन

नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को लेकर वकीलों का विरोध प्रदर्शन अब दिल्ली तक पहुंच गया है। ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रदर्शन में वकीलों ने चेयरमैन के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने NALSAR विश्वविद्यालय से जुड़े हालिया विवाद को लेकर भी सवाल उठाए। विवाद के दौरान BCI ने 2026 में ग्रेजुएट होने वाले NALSAR छात्रों के वकील के तौर पर नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया और मिश्रा ने छात्रों से माफी भी मांगी।
BCI कार्यालय के बाहर जुटे वकील
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान वकील BCI कार्यालय के आसपास जमा हुए और चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर और तख्तियां भी नजर आईं। उनका कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ एक विवाद तक सीमित नहीं है बल्कि लंबे समय से चली आ रही पेशेवर समस्याओं को सामने लाने का प्रयास है।
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NALSAR विवाद से क्यों बढ़ा विरोध?
इस पूरे मामले में NALSAR विवाद अहम वजह बनकर सामने आया है। BCI ने पहले 2026 बैच के NALSAR लॉ ग्रेजुएट्स के नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। बाद में यह फैसला वापस ले लिया गया। इसके बाद मनन कुमार मिश्रा ने कानून के छात्रों से माफी मांगी। इस घटनाक्रम को लेकर वकीलों के एक वर्ग ने BCI की कार्यप्रणाली और फैसले लेने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
युवा वकीलों की समस्याएं भी मुद्दा
प्रदर्शन में युवा अधिवक्ताओं की आर्थिक और पेशेवर परेशानियों का मुद्दा भी उठाया गया। वकीलों का कहना है कि नए अधिवक्ताओं के सामने काम की कमी, स्टाइपेंड, चैंबर और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की समस्या बनी रहती है। उनका आरोप है कि इन मुद्दों पर BCI को ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
वकीलों की सुरक्षा पर भी सवाल
प्रदर्शनकारियों ने वकीलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि अलग-अलग जगहों पर अधिवक्ताओं के साथ हिंसा की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में वकीलों के हितों और सुरक्षा को लेकर BCI की ओर से मजबूत आवाज उठनी चाहिए। प्रदर्शन में इसी तरह की मांगों को प्रमुखता से रखा गया।
BCI की जवाबदेही पर उठे सवाल
वकीलों ने BCI की कार्यप्रणाली में ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देशभर से युवा वकील अपनी समस्याएं लेकर BCI तक पहुंचते हैं, इसलिए संस्था को उनकी शिकायतों और जरूरतों पर तेजी से काम करना चाहिए। साथ ही कानून कॉलेजों की निगरानी और फर्जी लॉ कॉलेजों से जुड़े मामलों पर भी सख्त कदम उठाने की मांग की गई।
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बॉम्बे बार एसोसिएशन भी मुखर
इस विवाद में बॉम्बे बार एसोसिएशन ने भी मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है। एसोसिएशन ने NALSAR मामले में BCI चेयरमैन की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए और इसे पद के अधिकार के इस्तेमाल से जुड़ा मामला बताया।













