दमोह में वन भूमि से हटाई गई अस्थाई झोपड़ी, वन विभाग ने कराया अतिक्रमण मुक्त

दमोह। जिले के कनोरा-बरी गांव के पास वन भूमि पर बनाई गई अस्थाई झोपड़ी को वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए हटा दिया। आरोप था कि वन भूमि पर झोपड़ी बनाकर जमीन को खेती के लिए तैयार किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
राजस्व और पुलिस टीम भी रही मौजूद
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान वन विभाग के साथ राजस्व और पुलिस विभाग का अमला भी मौके पर मौजूद रहा। विभाग की टीम ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और अस्थाई झोपड़ी को हटाया।
ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर रखी थी समस्या
कार्रवाई से पहले कनोरा गांव के कुछ ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों के सामने वन भूमि पर अतिक्रमण से जुड़ी अपनी समस्या रखी थी। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में कुछ अन्य लोग भी वन भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने सभी अतिक्रमण के मामलों में समान रूप से कार्रवाई करने की मांग की। बारिश के दौरान झोपड़ी हटाए जाने को लेकर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई थी।
विभाग को बाहरी लोगों के अतिक्रमण की मिली थी सूचना
वन विभाग के रेंजर के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ बाहरी लोग वन भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। उनके पास जमीन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या अधिकार नहीं था। रेंजर ने बताया कि संबंधित लोगों ने वन भूमि को खेती योग्य बनाने का प्रयास किया था और मौके पर बाड़ा भी बना लिया था। बीट गार्ड ने उन्हें पहले भी वन भूमि पर कब्जा नहीं करने की समझाइश दी थी।
आधार कार्ड की भी हुई जांच
रेंजर के मुताबिक, स्थानीय व्यक्ति के कहने पर कुछ लोग वहां पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान एक-दो लोगों के आधार कार्ड की जांच की गई। जांच में उनके आसपास के दूसरे जिलों से आने की जानकारी सामने आई। विभाग के अनुसार, इन लोगों को पहले भी वन भूमि पर कब्जा नहीं करने की हिदायत दी गई थी।
दूसरे कब्जों की भी होगी जांच
वन विभाग ने कहा है कि अगर क्षेत्र में अन्य लोगों द्वारा भी वन भूमि पर कब्जा किया गया है तो उनके दस्तावेज और पट्टों की जांच की जाएगी। जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने ऐसे मामलों की जांच कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।














