CM योगी ने बताया आजादी का असली मतलब! बोले- 'गरीबी, अशिक्षा और असमानता से भी चाहिए मुक्ति'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने सरकारी आवास पर ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीरों को नमन किया। ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश की आजादी के इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और आजादी के असली मायने पर बात की। उन्होंने कहा कि आज देश जिस आजादी का अनुभव कर रहा है, वह लाखों वीरों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है।
‘लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद मिली आजादी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को लंबे संघर्ष के बाद अंग्रेजी शासन से आजादी मिली थी। इस आजादी के पीछे देश के करोड़ों लोगों का संघर्ष और असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान था। उन्होंने कहा कि आज हर भारतीय अपने देश में जिस आजादी को महसूस करता है, वह भारत माता के महान सपूतों और शहीदों की तपस्या और समर्पण का परिणाम है। सीएम योगी ने कहा कि देश लंबे समय तक गुलामी में रहा, लेकिन भारतीयों ने कभी भी अपने मन और आत्मा से गुलामी को स्वीकार नहीं किया। लोगों के अंदर हमेशा अपने देश को विदेशी शासन से मुक्त कराने की भावना बनी रही।
‘आजादी सिर्फ राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं’
सीएम योगी ने कहा कि आजादी का मतलब केवल विदेशी शासन से मुक्ति पाना नहीं है। आजादी का असली अर्थ देश को उन समस्याओं से भी मुक्त करना है, जिन्होंने लंबे समय तक भारत को कमजोर बनाए रखा। उन्होंने कहा कि देश को गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ेपन, अराजकता और असमानता से भी आजादी दिलाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर समाज में कोई व्यक्ति गरीबी, अशिक्षा या भेदभाव से परेशान है तो हमें यह समझना होगा कि आजादी का लक्ष्य अभी पूरी तरह हासिल नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, देश की तरक्की तभी पूरी मानी जाएगी, जब समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले और हर व्यक्ति सम्मान के साथ जीवन जी सके।
‘आजादी बचाना किसी एक की जिम्मेदारी नहीं’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की आजादी को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखना किसी एक व्यक्ति या किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए हर नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता को अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ योगदान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ आम नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। अगर हर व्यक्ति अपने काम को ईमानदारी से करता है और देश के हित को प्राथमिकता देता है तो भारत को और मजबूत बनाया जा सकता है।
1947 की कई चुनौतियों से देश निकला आगे
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आजादी के समय भारत के सामने गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ापन, असमानता और अव्यवस्था जैसी कई बड़ी चुनौतियां थीं। पिछले आठ दशकों में देश ने इन समस्याओं से काफी हद तक बाहर निकलने की दिशा में काम किया है। कई समस्याओं का समाधान हुआ है, जबकि कई अन्य समस्याओं को खत्म करने के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि आज देश में विकास की गति दिखाई दे रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच रहा है।
‘25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए’
सीएम योगी ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी से बाहर निकालने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि करीब 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का दायरा भी लगातार बढ़ा है और पहले की तुलना में ज्यादा लोगों तक शिक्षा पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अलग-अलग वर्गों तक बिना भेदभाव पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, विकास का फायदा तभी सही मायने में माना जाएगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचे।
देश को बांटने वाली ताकतों से रहना होगा सावधान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी एकता में है। देश को कमजोर करने वाली किसी भी सोच या गतिविधि से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपसी भाईचारा बनाए रखें और देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में अपना योगदान दें।
‘देश में चार जातियां- गरीब, युवा, महिला और किसान’
सीएम योगी ने कहा कि देश के विकास की योजनाओं में समाज के उन वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिन्हें आगे बढ़ने के लिए ज्यादा अवसरों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में चार प्रमुख वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है- गरीब, युवा, महिलाएं और किसान। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन चारों वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जा रही हैं। गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाएं, युवाओं के लिए रोजगार और अवसर, महिलाओं के लिए सुरक्षा और आत्मनिर्भरता तथा किसानों के लिए कृषि से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है।
विकसित भारत के लिए सबकी भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वतंत्रता दिवस संदेश का मुख्य जोर देश की एकता, विकास और नागरिक जिम्मेदारी पर रहा। उन्होंने कहा कि आजादी सिर्फ एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। आने वाली पीढ़ियों के लिए देश को और मजबूत बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले 80 वर्षों में लंबा सफर तय किया है, लेकिन आगे की यात्रा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। गरीबी, अशिक्षा, असमानता और पिछड़ेपन जैसी चुनौतियों को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रदेशवासियों से देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उनका संदेश साफ था कि आजादी हमें विरासत में मिली है, लेकिन इसे सुरक्षित और मजबूत रखना हर भारतीय की जिम्मेदारी है।












