Bahraich Violence : चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात, आधार देखकर ही लोगों की एंट्री, मृतक के परिवार से मिलेंगे CM योगी
ADG समेत सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बहराइच में डेरा डाला

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच में दुर्गा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के बाद से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। प्रभावित इलाके में पुलिस फोर्स तैनात है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। आधार कार्ड देखकर ही एंट्री दी जा रही है। वहीं, आसपास के जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों द्वारा हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। दहशत के बीच लोग अपने घरों में कैद रहे और बाजार की सभी दुकानें बंद रहीं।
मृतक परिवार से मिलेंगे योगी
सीएम योगी आज हिंसा में मारे गए राम गोपाल मिश्रा के परिवार से मुलाकात करेंगे। सरकार परिवार को आर्थिक सहायता दे सकती है।इंटरनेट सेवा बंद
हिंसा के दूसरे दिन भी इंटरनेट सेवा बंद है ताकि स्थिति और न बिगड़े। पीएसी के बाद सोमवार शाम आरएएफ भी आ गई। पुलिस का फोकस अभी शांति व्यवस्था बनाए रखने पर है।दुकानों और अस्पताल में आगजनी
सोमवार (14 अक्टूबर) को रामगोपाल मिश्रा का शव घर पहुंचते ही लगभग 5-6 हजार लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। शव यात्रा के दौरान माहौल तनावपूर्ण होता गया। लोगों ने महराजगंज इलाके में समुदाय विशेष के दुकानों और घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। भीड़ ने अस्पताल में भी आग लगा दी और पुलिस को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। आसपास के कई जिलों से पुलिस बल और PAC तैनात की गई है।
ग्रामीणों की मांग, आरोपी को हो फांसी
रामगोपाल मिश्रा की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और आरोपी को फांसी की मांग की है। मृतक की पत्नी ने सीधे तौर पर आरोपियों को फांसी की सजा देने की बात कही है। शव के साथ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण महसी तहसील पहुंच गए, जहां पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की।
पुलिस पर पक्षपात के आरोप
मृतक के भाई वैभव मिश्रा ने पुलिस पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब पथराव हो रहा था, तब पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, “जब हमारे भाई ने हिंसा रोकने का प्रयास किया, तब पुलिस ने हम पर ही लाठीचार्ज कर दिया। हम थाना पुलिस पर कार्रवाई की मांग करते हैं।”











