Garima Vishwakarma
1 Feb 2026
Manisha Dhanwani
1 Feb 2026
Aakash Waghmare
31 Jan 2026
आज यानी 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। देश इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। यह उनके वित्त मंत्री के रूप में लगातार 9वां बजट है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
इस साल का बजट सिर्फ नंबरों या आवंटन तक सीमित नहीं होगा। इसमें पेश करने का तरीका भी पिछले 75 सालों में आए सभी बजटों से अलग और अनोखा होगा। विशेषज्ञों की नजरें खास तौर पर पार्ट B पर टिकी हैं, जहां नए आर्थिक रोडमैप और रणनीतिक योजनाओं की चर्चा होगी।
पारंपरिक बजट भाषण में पार्ट A ही हीरो माना जाता रहा है। इसमें बड़े खर्चों और आवंटन का विवरण होता था। पार्ट B को औपचारिकता माना जाता था। लेकिन इस बार इतिहास में पहली बार पार्ट B को पूरी तरह महत्व दिया जा रहा है। इससे यह हिस्सा बजट भाषण का मुख्य आकर्षण बनेगा।
आमतौर पर बजट भाषण दो हिस्सों में बंटा होता है- पार्ट A और पार्ट B। पार्ट A में ज्यादा डिटेल होती थी, जैसे सरकारी खर्च, आवंटन और मंत्रालयों के लिए बजट। पार्ट B में आमतौर पर छोटी-छोटी घोषणाएं और भाषण का समापन होता था।
लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से उम्मीद है कि वह पार्ट B को पूरी तरह से नया रूप देंगी। इसमें शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा होगी। भारत के आर्थिक विजन, प्राथमिकताओं और विकास की दिशा का रोडमैप पार्ट B में सामने आएगा।
पार्ट B में सिर्फ टैक्स या बजट के आंकड़े नहीं होंगे। इसके अलावा इसमें भारत की क्षमताओं और ताकत को दुनिया के सामने पेश करने का भी प्लान होगा। यानी कि भविष्य में भारत की आर्थिक संभावनाओं और विकास की रणनीति का विवरण भी पार्ट B में होगा।
पार्ट B में सिर्फ तत्काल टैक्स प्रपोजल ही नहीं होंगे। इसके अलावा एक स्ट्रेटेजिक रोडमैप पेश किया जाएगा, जो भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति दिलाने में मदद करेगा। इसमें आने वाले सालों के लिए पॉलिसी की दिशा और विकास की रणनीति शामिल होगी। यह बजट का वो हिस्सा होगा, जिसे अर्थशास्त्री, निवेशक और विशेषज्ञ बड़ी बारीकी से देखेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस नए दृष्टिकोण से यह बजट न सिर्फ तात्कालिक जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति और वैश्विक महत्व को भी दर्शाएगा।