नाटो समिट से पहले यूक्रेन का रूस पर हमला :68 मिसाइलें और 351 ड्रोन से अटैक, 11 की मौत

मॉस्को। नाटो शिखर सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इस हमले में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस दौरान कुल 356 मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है। कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
युद्ध के बाद कीव पर तीसरा बड़ा हमला
यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, रूस ने एक साथ कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया। कीव के मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि शहर के कम से कम दो जिलों में मिसाइलों और ड्रोन का मलबा गिरने से आग लग गई और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला पिछले गुरुवार को हुए भीषण रूसी हमले के बाद हुआ है, जिसमें कम से कम 30 लोगों की जान गई थी। युद्ध शुरू होने के बाद यह कीव पर तीसरा सबसे घातक हमला माना जा रहा है।
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रूस नाटो से पहले दबाव बना रहा- जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कहा था कि खुफिया एजेंसियों को रूस के बड़े हमले की तैयारी की जानकारी मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस और नाटो शिखर सम्मेलन से पहले दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। जेलेंस्की ने कहा था कि रूस का मकसद अधिकतम नुकसान पहुंचाना और आम नागरिकों को निशाना बनाना है। उनके बयान के कुछ घंटे बाद ही कीव पर यह बड़ा हमला हुआ।
मंगलवार से शुरू होगा नाटो शिखर सम्मेलन
मंगलवार से तुर्किये की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन शुरू होना है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत सदस्य देशों के नेता हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में यूक्रेन युद्ध, यूरोप की सुरक्षा और रूस के खिलाफ आगे की रणनीति प्रमुख मुद्दे होंगे। ऐसे में कीव पर हमला रूस की ओर से पश्चिमी देशों को रणनीतिक संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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फिर बारूदों की गूंज से उठी रूस- यूक्रेन
रूस पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र में अपने कब्जे का विस्तार करने की कोशिश कर रहा है। वहीं यूक्रेन भी रूस के भीतर तेल रिफाइनरियों, बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन व मिसाइल हमले बढ़ा चुका है। इसी बीच 4 जुलाई को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीब 90 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ट्रंप ने एक बार फिर यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने में मदद की पेशकश की, लेकिन ताजा हमले ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल संघर्ष थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।











