वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य : आरिफ मसूद ने कहा-सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा, रामेश्वर शर्मा बोले- गरीबों के हित में काम करने बनाए हिंदू सदस्य

भोपाल। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर सनवर पटेल को पुन: अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही पहली बार बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है। ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। इस फैसले को लेकर जहां कुछ संगठनों और लोगों ने विरोध जताया है। भोपाल मध्य सीट से विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि सरकार के इस निर्णय के खिलाफ वे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
मसूद बोले- इतनी घबराहट और जल्दबाजी क्यों
विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि कांग्रेस नेता ने कहा कि ट्रस्ट में नियुक्ति का पूरा मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संशोधन के प्रावधान के विपरीत दो की जगह तीन श्रेणियों को शामिल कर गलती की है। सवाल उठाया कि जब मामला कोर्ट में लंबित है तो इतनी जल्दबाजी और घबराहट क्यों दिखाई गई। मसूद ने कहा, इस मुद्दे पर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका या आवेदन दायर किया जाएगा।
धार्मिक मामलों में ऐसी सद्भावना की जरूरत नहीं
विधायक मसूद ने कहा कि सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से संशोधन का आश्वासन दिया गया था, फिर भी सरकार ने अलग तरीके से कार्रवाई की।
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वक्फ बोर्ड की जमीन किसी मुल्ला- मौलवी की नहीं : शर्मा
इस मामले में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीन किसी मुल्ला या मौलवी की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि देश और समाज की संपत्ति है। उन्होंने कहा कि वक्फ की जमीनों का उपयोग गरीबों और जरूरतमंदों के हित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में गंगा-जमुनी तहजीब हमारी संस्कृति का हिस्सा है और सभी समुदायों की भागीदारी से ही व्यवस्था मजबूत होगी।
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'वक्फ की संपत्तियों का लाभ उठाने वालों को तकलीफ'
विधायक शर्मा ने कहा कि वक्फ संशोधन के बाद बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को शामिल किया गया है, जिनका उद्देश्य भी गरीबों के हित में काम करना होगा। इससे आम मुसलमानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।












