उज्जैन महाकाल धर्मशाला में महिला श्रद्धालु से मारपीट का आरोप, सुरक्षाकर्मियों पर बाल खींचने और मोबाइल छीनने का दावा

उज्जैन। महाकाल मंदिर समिति द्वारा संचालित पं. सूर्य नारायण व्यास धर्मशाला में महिला श्रद्धालु के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। दिल्ली निवासी प्रेरणा गर्ग ने धर्मशाला के सुरक्षाकर्मियों पर अभद्रता और हाथापाई करने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि विवाद के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उनके बाल खींचे और मोबाइल फोन भी छीन लिया। घटना के समय उनकी 13 वर्षीय बेटी भी उनके साथ थी। प्रेरणा ने घटना का एक वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में महिला और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस सुनाई दे रही है। महिला इसमें अपने शरीर पर आई चोटें दिखाती हुई नजर आ रही हैं। हालांकि घटना के पूरे क्रम और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कमरे की जानकारी लेने के बाद शुरू हुआ विवाद
प्रेरणा गर्ग के मुताबिक वह 16 सितंबर को अपनी 13 वर्षीय बेटी के साथ महाकाल मंदिर समिति की धर्मशाला पहुंची थीं। उन्होंने वहां कर्मचारियों से कमरे की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी। कर्मचारियों की ओर से बताया गया कि फिलहाल कमरे उपलब्ध नहीं हैं। प्रेरणा का कहना है कि उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि यदि किसी श्रद्धालु का चेक-आउट हो जाए या कोई बुकिंग रद्द हो तो क्या उन्हें कमरा मिल सकता है। इस पर कर्मचारियों ने ऐसी किसी जानकारी के बारे में बताने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रेरणा ने धर्मशाला परिसर में ही बैठकर मोबाइल से दूसरे होटल की तलाश करने की बात कही। उनके मुताबिक इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें परिसर से बाहर जाने के लिए कहा।
बाहर जाने को लेकर कहासुनी, हाथापाई का आरोप
महिला के अनुसार उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से बाहर जाने का कारण पूछा। इसी दौरान कथित तौर पर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। प्रेरणा ने जब इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। प्रेरणा का आरोप है कि उन्होंने घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड करने की कोशिश की। इसी दौरान एक सुरक्षाकर्मी ने उन्हें धक्का दिया और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर बाल खींचने का भी आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पूरी घटना उनकी 13 वर्षीय बेटी के सामने हुई, जिससे बच्ची काफी घबरा गई।
महाकाल थाने में दिया लिखित आवेदन
प्रेरणा गर्ग ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर महाकाल थाने में लिखित आवेदन दिया है। उनका कहना है कि घटना के बाद ट्रेन का समय होने के कारण वह मंदिर समिति कार्यालय में अलग से लिखित शिकायत नहीं दे सकीं। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि महिला श्रद्धालु की ओर से मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर समिति को नहीं मिली प्रत्यक्ष शिकायत
महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है लेकिन समिति को अभी तक महिला की ओर से प्रत्यक्ष लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सामने आए वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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पहले भी सामने आ चुके हैं विवाद
महाकाल मंदिर और महाकाल लोक में श्रद्धालुओं तथा सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। 11 जून 2026 को महाकाल मंदिर के गणेश मंडपम में श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया था। बताया गया था कि दो युवक बैरिकेड पार कर दूसरी लाइन में पहुंच गए थे। सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोकने के बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इसके अलावा अगस्त 2026 में महाकाल लोक में भी महिला श्रद्धालुओं और महिला सुरक्षाकर्मी के बीच विवाद का वीडियो सामने आया था। वीडियो में सप्त ऋषि की मूर्तियों के पास दोनों पक्षों के बीच बहस और गाली-गलौज होती दिखाई दी थी। वीडियो सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए थे।
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जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की पूरी तस्वीर
धर्मशाला में महिला श्रद्धालु के साथ कथित मारपीट के मामले में फिलहाल पुलिस के पास महिला की ओर से दिया गया आवेदन और घटना से जुड़ा वीडियो है। महिला ने सुरक्षाकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि मंदिर समिति ने कहा है कि उसे प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली है और वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई और घटना के दौरान दोनों पक्षों की क्या भूमिका रही। इसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




















