MP में TET के विरोध में शिक्षक संगठनों का बड़ा फैसला, 27 सितंबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना

भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठनों का विरोध अब आंदोलन में बदलने जा रहा है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश की प्रदेश स्तरीय बैठक में 27 सितंबर 2026 से भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने का फैसला लिया गया है। मोर्चे में शामिल संगठनों ने TET के आवेदन पत्र नहीं भरने का भी सामूहिक निर्णय लिया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक TET की अनिवार्यता समाप्त करने और प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता लागू करने की मांग पर निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। संगठनों के पदाधिकारी भोपाल में धरने के लिए पुलिस कमिश्नर से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में हैं। वहीं जिला और संभाग स्तर पर आंदोलन की आगे की रूपरेखा भी जल्द तय की जाएगी।
TET आवेदन नहीं भरने का सामूहिक फैसला
प्रदेश स्तरीय बैठक में शिक्षक संगठनों ने तय किया कि आंदोलन के तहत शिक्षक TET परीक्षा के आवेदन पत्र नहीं भरेंगे। संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। 27 सितंबर से भोपाल में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरने में अलग-अलग जिलों और संभागों से शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जल्द कार्ययोजना जारी की जाएगी। हाल के दिनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी TET की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन और सामूहिक उपवास किए गए हैं।
तमिलनाडु की तर्ज पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग
शिक्षक संगठनों ने राज्य सरकार के सामने एक और मांग रखी है। उनका कहना है कि तमिलनाडु की तर्ज पर मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए और TET नहीं कराने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया जाए। इसके बाद यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग की गई है ताकि TET की अनिवार्यता से जुड़े मामले में आगे निर्णय लिया जा सके।
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प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता लागू करने की मांग
शिक्षक संगठनों का प्रमुख मुद्दा केवल TET तक सीमित नहीं है। वे प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना लागू करने की मांग भी कर रहे हैं। मोर्चे का कहना है कि TET की अनिवार्यता हटाने के साथ प्रथम नियुक्ति की तारीख से वरिष्ठता लागू करने का निर्णय भी लिया जाना चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर संयुक्त मोर्चा आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
सरकार ने TET को लेकर जारी की है गाइडलाइन
इस बीच मध्यप्रदेश में TET को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। 19 सितंबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, RTE अधिनियम के तहत आयोजित TET पास नहीं करने वाले शिक्षकों के लिए परीक्षा देना अनिवार्य बताया गया है। परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल के माध्यम से किए जाने की जानकारी दी गई है। TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। इससे पहले भी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन हो चुके हैं। अप्रैल में भोपाल में संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक एकत्र हुए थे।
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आंदोलन की आगे की रणनीति जल्द होगी तय
संयुक्त मोर्चे की बैठक में तय किया गया है कि 27 सितंबर से शुरू होने वाले भोपाल के अनिश्चितकालीन धरने में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जिला और संभाग स्तर पर जल्द कार्यक्रम तय किए जाएंगे। आंदोलन के लिए संगठन पदाधिकारी पुलिस कमिश्नर से अनुमति लेने की तैयारी कर रहे हैं। मोर्चे ने स्पष्ट किया है कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। बैठक में राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव, शासकीय शिक्षक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश दुबे, NMOPS के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद डहरिया, TWT के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगोर और गुरुजी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पटेल सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




















