उज्जैन:50 साल पुराना मकान ढहा, 12 वर्षीय बच्चे की मौत; कई लोग मलबे में दबे

उज्जैन के हम्मालवाड़ी क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां करीब 50 साल पुराना दो मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में 12 वर्षीय असरान की मौत हो गई जबकि उसकी नानी खुर्शीद बी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मकान के पास चल रही थी निर्माण कार्य की खुदाई
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुराने मकान के पास एक नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण के लिए मकान के बिल्कुल नजदीक गहरी खुदाई की गई थी। शुरुआती जानकारी में आशंका जताई जा रही है कि खुदाई की वजह से पुराने मकान की नींव कमजोर हो गई, जिससे उसका पिछला हिस्सा अचानक ढह गया और पूरा ढांचा जमीन पर आ गिरा।
मोहर्रम देखने आया था असरान
बताया जा रहा है कि 12 वर्षीय असरान अपनी नानी खुर्शीद बी के घर मोहर्रम के कार्यक्रम देखने आया हुआ था। हादसे के समय वह घर के अंदर ही मौजूद था। मकान गिरते ही वह मलबे में दब गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और उसे बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। टीआई प्रतीक शर्मा ने बताया कि पुलिस और स्थानीय रहवासियों की मदद से तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए कई घंटों तक अभियान चलता रहा। पुलिस के अनुसार, कुल 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। समय रहते राहत कार्य शुरू होने से बड़ा नुकसान टल गया।
एक छोटी बच्ची सहित कई लोग घायल
परिजनों ने बताया कि मकान में नीचे खुर्शीद बी और ऊपर परवीन रहती थीं। यह मकान लगभग 50 साल पुराना और कच्चा बना हुआ था। मकान की स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है। हादसे में असरान की मौत के अलावा खुर्शीद बी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। वहीं एक छोटी बच्ची को भी चोटें आई हैं, जिसका इलाज चल रहा है।
हादसे की जांच शुरू
प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। निर्माण कार्य के दौरान की गई खुदाई और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। यदि निर्माण एजेंसी या संबंधित लोगों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। यह हादसा एक बार फिर पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा तथा निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।












