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जम्मू-कश्मीर : उधमपुर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन जारी

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जम्मू-कश्मीर : उधमपुर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन जारी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    उधमपुर। जम्मू-कश्मीर में उधमपुर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हुआ जवान शहीद हो गया। शुक्रवार को सेना और विशेष अभियान समूह (SOG) के संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। जिसमें एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन शनिवार सुबह जवान शहीद हो गया। मुठभेड़ दूदू-बसंतगढ़ और डोडा के भद्रवाह क्षेत्र में सोजधार के जंगलों में हुई।

    मुठभेड़ की पूरी घटना

    विशिष्ट इनपुट के आधार पर सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने ऊंचाई वाले वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान 2-3 जैश के आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ देर रात तक जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि वन क्षेत्र में आतंकियों के छिपे होने की आशंका है और तलाशी अभियान लगातार जारी है।

    सुरक्षाबलों की कार्रवाई

    मुठभेड़ के बाद आसपास के इलाकों को पूरी तरह से घेर लिया गया। दोनों तरफ से ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से आतंकियों की तलाश की जा रही है। किश्तवाड़ में भी इसी तरह के सर्च ऑपरेशन चलाए गए, लेकिन अभी तक आतंकियों का कोई सुराग नहीं मिला।

    पिछले ऑपरेशन और घटनाओं का विवरण

    पिछले एक साल में इस क्षेत्र में कई मुठभेड़ हुई हैं। 26 जून को दूदू-बसंतगढ़ जंगल में जैश के कमांडर हैदर को मारा गया था। इसी तरह 25 अप्रैल को बसंतगढ़ क्षेत्र में मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद हुआ था। अगस्त में गुरेज सेक्टर और कुलगाम में भी कई ऑपरेशन चलाए गए थे।

    अगस्त में हुए दो प्रमुख ऑपरेशन

    1. गुरेज सेक्टर में मुठभेड़

    26 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। उनमें से एक की पहचान बागू खान के रूप में हुई, जिन्हें 'ह्यूमन GPS' के नाम से जाना जाता था। बागू खान को सुरक्षा बल दशकों से तलाश रहे थे क्योंकि वह 1995 से अब तक 100 से अधिक घुसपैठ की कोशिशों में शामिल रहा था।

    2. कुलगाम में लंबा ऑपरेशन

    1 से 12 अगस्त तक कुलगाम में ऑपरेशन अखल चलाया गया। यह श्रीनगर से लगभग 70 किलोमीटर दूर था। इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक आतंकवादी मारा गया। उसकी पहचान पुलवामा निवासी हारिस डार के रूप में हुई। यह ऑपरेशन लगातार 12 दिन तक चला और आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई थी।

    आतंकियों की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा उपाय

    अधिकारियों ने बताया कि उधमपुर और डोडा क्षेत्रों में दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की संभावना है। अतिरिक्त बल, ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है। सेना और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार आतंकियों की तलाश में लगी हुई है।

    जांच और आगामी कार्रवाई

    सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर रखी है और मुठभेड़ स्थल पर सर्च अभियान तेज कर दिया गया है। स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक अभियान जारी रहेगा।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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