Review Of Ministers :मंत्रियों के Report Card का आ गया शेड्यूल, सीएम चेक करेंगे दो साल में क्या-क्या किया

भोपाल। मप्र के मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड (Report card) को चेक करने का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इसके तहत दो दिसंबर से मंत्रियों और विभागों के कामकाज की समीक्षा (Review) की जाएगी। इसमें मंत्रियों के साथ ही विभाग के आला अधिकारियों को अपनी उलब्धियों के साथ तैयार रहना होगा। पहली समीक्षा बैठक मंगलवार को होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) विभागों और मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। यह सिलसिला अगले सप्ताह तक भी चलने वाला है।
तीन साल के टारगेट और प्लान पूछेंगे सीएम
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) मंत्रियों से दो साल के दौरान किए गए कार्यों के प्रेजेंटेशन के साथ कमियों और समस्याओं के बारे में जानकारी लेंगे। विभागों को समस्या के समाधान के तरीके भी बताने पड़ सकते हैं। बैठक में आने वाले तीन साल के विभागीय लक्ष्यों को भी बताना होगा। इसके अलावा तीन साल के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्यों को प्राप्त करने की कार्य योजना भी बतानी होगी। बैठक में कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए भी विचार-विमर्श किया जाएगा। पहले दिन हर विभाग के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद कई विभागों के लिए एक घंटा समय भी तय किया गया है।
मंत्रियों की रिपोर्ट तय करेगी भविष्य
विभागों की यह समीक्षा पहली बार के मंत्रियों के लिए कड़ी परीक्षा साबित होगी। उन्हें तय पैमानों पर खरा उतरना जरूरी होगा। इसके अलावा अन्य मंत्रियों को भी अपनी अच्छी रिपोर्ट पर ज्यादा फोकस करना होगा। सूत्रों की मानें तो विभागीय अधिकारी प्रेजेंटेशन के लिए दिन-रात काम में लगे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने पर मंत्रिमंडल विस्तार की भी चर्चाएं हैं। ऐसे में कमजोर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों के रिप्लेसमेंट के बारे में विचार किया जा सकता है।
सबसे पहले पंचायत, आखिरी में पीएचई की समीक्षा
समीक्षा बैठक में सबसे पहला नंबर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय का है। इस विभाग के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल हैं। वहीं पहले दिन यानी 2 दिसंबर को स्कूल शिक्षा विभाग, नर्मदा घाटी विकास, जल संसाधन, ऊर्जा, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा अन्य विभागों की समीक्षा को शेड्यूल इस प्रकार है।
3 दिसंबर : लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण, कृषि एवं किसान कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण।
8 दिसंबर : खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी विकास, नगरी विकास तथा आवास, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास, उच्च शिक्षा-तकनीकी शिक्षा,
9दिसंबर : लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई)।





















