नई दिल्ली। एक बार फिर राहुल गांधी ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के सवाल पर सरकार ने संसद में स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया और सिर्फ मौजूदा नीति का हवाला दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के मुताबिक उन्होंने सरकार से पूछा था कि वर्ष 2021 में किसानों से किया गया C2 + 50% के आधार पर कानूनी MSP लागू करने का वादा अब तक क्यों पूरा नहीं हुआ।
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राहुल गांधी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए M. S. Swaminathan समिति की सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए। इस फॉर्मूले के तहत खेती की कुल लागत (C2) में 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर MSP तय करने का सुझाव दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संसद में इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं बताया और पुराने ढांचे का ही हवाला दिया।
उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि केंद्र ने राज्यों पर MSP बोनस समाप्त करने का दबाव डाला। उनके मुताबिक इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता का हवाला देकर सही ठहराया गया, लेकिन इसके पीछे कोई ठोस कारण सामने नहीं रखा गया।
राहुल गांधी ने भारत और United States के बीच संभावित व्यापार समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस डील में गैर-व्यापारिक अवरोध (Non-Trade Barriers) कम करने की बात कही जा रही है। उनके अनुसार इससे यह आशंका पैदा होती है कि कहीं MSP व्यवस्था और सरकारी खरीद प्रणाली कमजोर न हो जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर भी स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।
अपने संदेश के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों और MSP व्यवस्था की रक्षा के लिए संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों से किए गए वादों को पूरा करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है।