सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी Meta प्लेटफॉर्म्स में एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की चर्चा सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अपने कुल कर्मचारियों में से करीब 20 प्रतिशत तक छंटनी करने पर विचार कर रही है जिससे लगभग 16,000 कर्मचारियों की नौकरियां जा सकती है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के अंदर ऑपरेटिंग कॉस्ट कम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा निवेश करने की रणनीति पर चर्चा चल रही है। इसी रणनीति के तहत कर्मचारियों की संख्या घटाने का विकल्प भी देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2025 के आखिर तक Meta में करीब 79 हजार कर्मचारी काम कर रहे थे। अगर कंपनी 20 प्रतिशत कर्मचारियों की कटौती करती है तो लगभग 16 हजार कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी इस बारे में कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया गया है। Meta के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फिलहाल संभावित रणनीतियों से जुड़ी अटकलें हैं और छंटनी के पैमाने या समय को लेकर अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
Meta इससे पहले भी लागत कम करने के लिए बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है।
इस तरह पिछले दो वर्षों में कंपनी 21,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छटनी कर चुकी है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि टेक कंपनियां तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही हैं। Meta भी अपने प्लेटफॉर्म और सेवाओं में AI तकनीक को बड़े स्तर पर शामिल करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग पहले भी संकेत दे चुके हैं कि Meta को अधिक कुशल और कम लागत वाली संरचना की ओर ले जाया जाएगा। ऐसे में कर्मचारियों की संख्या कम कर तकनीकी सिस्टम और एल्गोरिदम पर ज्यादा भरोसा करने की रणनीति अपनाई जा सकती है। अगर प्रस्तावित छंटनी होती है तो यह Meta के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी कर्मचारियों की कटौती साबित हो सकती है।