Nepal:माउंट एवरेस्ट से लौटते वक्त दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत, रिकॉर्ड बनाने वाली टीम में थे शामिल

नेपाल की तरफ से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले भारतीय पर्वतारोहियों के लिए यह अभियान दुखद साबित हुआ। एक तरफ 274 लोगों ने एक दिन में एवरेस्ट फतह कर नया रिकॉर्ड बनाया, वहीं दूसरी तरफ वापसी के दौरान दो भारतीय पर्वतारोहियों की जान चली गई। दोनों पर्वतारोही चोटी से नीचे उतरते समय थकान और खराब हालत का सामना कर रहे थे।
माउंट एवरेस्ट से लौटते वक्त दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत, रिकॉर्ड बनाने वाली टीम में थे शामिल
फाइल फोटो

काठमांडू। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक पहुंचने के बाद दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पर्वतारोही वापसी के दौरान बेहद थक गए थे और उन्हें बचाने की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। मृतकों की पहचान अरुण कुमार तिवारी और संदीप आरे के रूप में हुई है। संदीप आरे उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे, जिसने एक ही दिन में सबसे ज्यादा लोगों के एवरेस्ट फतह करने का नया रिकॉर्ड बनाया था। इस घटना के बाद पर्वतारोहण जगत में शोक की लहर फैल गई है।

रिकॉर्ड बनाने वाला अभियान बना दर्दनाक

बुधवार को नेपाल की तरफ से माउंट एवरेस्ट पर कुल 274 पर्वतारोहियों ने सफल चढ़ाई की थी। यह अपने आप में एक नया रिकॉर्ड माना गया क्योंकि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इस टीम में कई देशों के पर्वतारोही शामिल थे, जिनमें भारतीय पर्वतारोही भी थे। चोटी से नीचे लौटते समय दो भारतीय पर्वतारोहियों की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।

नीचे उतरते समय बिगड़ी तबीयत

नेपाल एक्सपीडिशन ऑपरेटर्स एसोसिएशन के महासचिव ऋषि भंडारी ने बताया कि दोनों पर्वतारोही वापसी के दौरान बेहद थक चुके थे। ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और कठिन मौसम की वजह से उनकी हालत लगातार खराब होती चली गई। गाइडों ने उन्हें सुरक्षित नीचे लाने की पूरी कोशिश की लेकिन हालात इतने मुश्किल थे कि दोनों को बचाया नहीं जा सका। अधिकारियों के मुताबिक, संदीप आरे की मौत गुरुवार को हुई, जबकि अरुण कुमार तिवारी की मौत कब हुई, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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संदीप आरे ने बनाया था नया रिकॉर्ड

संदीप आरे उन पर्वतारोहियों में शामिल थे जिन्होंने बुधवार को एवरेस्ट फतह कर इतिहास रचा था। उनके साथ भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी और अजय पाल सिंह ढालीवाल भी रिकॉर्ड बनाने वाली टीम का हिस्सा थे। इस अभियान को पर्वतारोहण की दुनिया में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में पर्वतारोहियों ने एक ही दिन में सफलता हासिल की थी।

एवरेस्ट पर लगातार बढ़ रही चुनौतियां

माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करना हमेशा से बेहद कठिन माना जाता है। ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की कमी, तेज हवाएं और खराब मौसम पर्वतारोहियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाते हैं। कई बार चोटी पर पहुंचने के बाद वापसी का रास्ता ज्यादा खतरनाक साबित होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतारोहियों को चोटी फतह करने के बाद भी पूरी सतर्कता रखनी पड़ती है क्योंकि शरीर की ताकत तेजी से खत्म होने लगती है।

इस सीजन में बड़ी संख्या में मिली अनुमति

नेपाल सरकार ने इस वसंत सीजन में एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए 502 पर्वतारोहियों को अनुमति दी थी। बड़ी संख्या में लोग इस बार एवरेस्ट अभियान में शामिल हुए। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, इस सीजन में मौसम कई दिनों तक अनुकूल रहा, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में पर्वतारोहियों ने एक साथ चढ़ाई की। पर्वतारोहियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

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सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि

अरुण कुमार तिवारी और संदीप आरे की मौत की खबर के बाद पर्वतारोहण से जुड़े लोगों ने दुख जताया है। दोनों पर्वतारोहियों को साहसी और अनुभवी माना जाता था। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

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