ED Raid:पश्चिम बंगाल में ईडी का एक्शन, पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा के ठिकानों पर छापेमारी

जांच एजेंसी कथित उगाही नेटवर्क, अवैध लेनदेन और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि ईडी की कार्रवाई सोना पप्पू नाम से जुड़े कथित रंगदारी नेटवर्क से संबंधित है। टीम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जुटाने में लगी हुई है। हालांकि अब तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मुर्शिदाबाद में पैतृक घर पर छापा
ईडी की टीम ने मुर्शिदाबाद जिले के कांडी शहर स्थित शांतनु सिन्हा विश्वास के पैतृक घर पर भी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यह आलीशान मकान पिछले करीब एक सप्ताह से बंद पड़ा था। घर बंद मिलने के बाद अधिकारियों ने पहले बाहर से जांच की और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इसके बाद टीम ने ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया। छापेमारी के दौरान शांतनु की बहन गौरी सिन्हा विश्वास भी घर पर मौजूद नहीं थीं। गौरी वर्तमान में कांडी नगर पालिका की उपाध्यक्ष हैं।
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कई ठिकानों पर एक साथ दबिश
बताया जा रहा है कि ईडी की अलग-अलग टीमों ने शुक्रवार सुबह करीब छह बजे कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की। कोलकाता के रॉय स्ट्रीट स्थित एक होटल और एक कारोबारी के घर पर भी छापेमारी की गई। इसके अलावा कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के आवास पर भी जांच एजेंसी पहुंची। अधिकारियों ने वहां दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी को आर्थिक लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।
पहले से ईडी की हिरासत में हैं शांतनु
जानकारी के अनुसार शांतनु सिन्हा विश्वास पहले कोलकाता के कालीघाट थाने में इंस्पेक्टर-इन-चार्ज और बाद में डीसी पद पर रह चुके हैं। फिलहाल वह जमीन से जुड़े एक वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी की हिरासत में हैं। जांच एजेंसी उन पर अवैध आर्थिक गतिविधियों से जुड़े होने का संदेह जता रही है। इसी सिलसिले में उनसे जुड़े कई लोगों और ठिकानों की जांच की जा रही है।
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सियासी गालियारों में हलचल
एक साथ कई जगहों पर हुई ईडी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार शांतनु सिन्हा विश्वास को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है। हालांकि इस मामले में किसी राजनीतिक प्रतिक्रिया का आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। वहीं जांच एजेंसी कथित रंगदारी नेटवर्क और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।
जांच में जुटी ईडी टीम
ईडी की टीम फिलहाल जब्त दस्तावेजों, मोबाइल डेटा और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। अवैध लेनदेन और कथित उगाही नेटवर्क के आर्थिक स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई कर सकती है।












