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करूर भगदड़ केस :थलापति विजय को CBI का समन, 12 जनवरी को पेश होने का आदेश

करूर भगदड़ मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने साउथ सुपरस्टार और TVK प्रमुख थलापति विजय को समन जारी किया है। सितंबर 2025 में करूर की रैली के दौरान मची भगदड़ में 36 लोगों की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CBI जांच कर रही है। विजय को 12 जनवरी को पेश होने के लिए कहा गया है।
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थलापति विजय को CBI का समन, 12 जनवरी को पेश होने का आदेश
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    चेन्नई। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार से राजनेता बने थलापति विजय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। करूर भगदड़ मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने विजय को समन जारी कर 12 जनवरी को पेश होने के लिए कहा है। यह हादसा सितंबर 2025 में तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) की एक राजनीतिक रैली के दौरान हुआ था, जिसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

    एक्टिंग छोड़ राजनीति में उतरे थलापति विजय

    थलापति विजय ने हाल ही में फिल्मों से संन्यास लेकर पूरी तरह राजनीति में आने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि, अब उनका जीवन जनता की सेवा को समर्पित रहेगा। इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) को मजबूत करने के लिए राज्यभर में रैलियां शुरू कीं। करूर में आयोजित रैली उनकी सबसे बड़ी सभाओं में से एक थी, लेकिन यही रैली एक बड़े हादसे में बदल गई।

    कैसे हुआ था हादसा?

    27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम इलाके में TVK की विशाल रैली आयोजित की गई थी। विजय की स्पीच सुनने के लिए हजारों समर्थक जुटे थे। भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और अव्यवस्थित प्रवेश-निकास व्यवस्था के चलते भगदड़ मच गई। इस हादसे में 36 लोगों की मौत और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर भीड़ नियंत्रण में लापरवाही के आरोप लगे थे।

    CBI ने क्यों भेजा समन

    CBI ने इस मामले में थलापति विजय को बतौर मुख्य आयोजक और पार्टी संस्थापक समन जारी किया है। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि-

    • रैली के लिए कितनी अनुमति ली गई थी।
    • भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी किसकी थी।
    • सुरक्षा इंतजाम क्यों नाकाफी रहे।
    • इमरजेंसी रिस्पॉन्स कितना प्रभावी था।

    CBI पहले ही TVK के वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्थानीय अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है।

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    CBI जांच का विरोध और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

    शुरुआत में तमिलनाडु सरकार ने इस मामले में CBI जांच का विरोध किया था। राज्य सरकार ने दलील दी थी कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है और इसके लिए गठित SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) पर्याप्त है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की दलील खारिज कर दी।

    सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

    अदालत ने कहा कि, करूर भगदड़ देश की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली घटना है और इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से होना जरूरी है। इसके बाद जांच आधिकारिक तौर पर CBI को सौंप दी गई।

    हादसे पर विजय का भावुक बयान

    हादसे के बाद थलापति विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर दुख जताया था। उन्होंने लिखा था कि, यह घटना उन्हें अंदर तक तोड़ गई। पीड़ित परिवारों के दर्द को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। विजय ने कहा था कि वह इस त्रासदी से बेहद आहत हैं।

    जांच के अहम बिंदु

    CBI फिलहाल इन बिंदुओं पर फोकस कर रही है-

    • रैली की अनुमति प्रक्रिया
    • भीड़ की वास्तविक संख्या
    • पुलिस बल की तैनाती
    • मेडिकल और एम्बुलेंस सुविधा
    • आयोजकों की जवाबदेही

    इन तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

    अब 12 जनवरी को थलापति विजय को CBI के सामने पेश होना है। यह पेशी उनके राजनीतिक भविष्य के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। करूर भगदड़ केस न सिर्फ एक कानूनी मामला है, बल्कि यह तमिलनाडु की राजनीति में भी बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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