इजरायल-अमेरिका के बीच लगातार 12 दिनों से युद्ध चल रहा है। पूरी रात पश्चिम एशिया में हवाई हमले के सायरन, मिसाइल लॉन्च और नए हमलों की खबरें सामने आती रहीं।ईरान के कई ठिकानों पर इजरायल और अमेरिका ने हमले जारी रखे। वहीं जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी देशों पर हमला किया। इन हमलों के बीच अब ज्यादा बड़ा मुद्दा स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज बना चुका है। हॉर्मुज के बंद हो जाने से पूरे विश्व में दहशत फैली हुई है। अब अमेरिका ने इजरायल को कहा है कि, वो ईरान तेल-गैस सेंटर्स पर अपने हमले बंद करे। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बताया है कि, उसने अपने सैन्य अभियान की 35वीं लहर शुरू कर दी है।
इस लहर में मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के मध्य हिस्सों को निशाना बनाया गया है। वहीं, इजरायली सेना ने यह दावा किया कि उसने तेहरान में ईरानी सरकार से जुड़े कई ठिकानों पर एक और बड़ा हमला किया है। इस पूरे मसले पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के लोगों को संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह आपके लिए जीवन में एक बार मिलने वाला ऐसा अवसर है जिससे, आप अयातुल्लाहशासन को हटाकर अपनी स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं। अयातुल्ला अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं जानता हूं कि आप नहीं चाहते कि उनकी जगह कोई दूसरा तानाशाह दुबारा से आकर तानाशाही करे।
हॉर्मुज पूरे विश्व का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है, क्योंकि यहां से पूरी दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई होती है। अमेरिकी सेना ने बताया है कि, उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 16 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया, जिनमें बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाज भी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, ईरान इस जलमार्ग के रास्ते बारूदी सुरंगें बिछाने की पूरी तैयारी कर चुका था। अमेरिकी सैन्य बलों ने इस मुख्य तेल मार्ग के पास सभी जहाजों को निशाना बना दिया है।
ये भी पढ़ें: Strait of Hormuz : सिर्फ तेल ही नहीं, रसोई गैस से लेकर किन-किन चीजों में लगने वाली है महंगाई की आग?
युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिका और इजराइल के हमलों में लगभग 1300 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने इस पूरे मामले की जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के एक प्राथमिक स्कूल पर भी हमला हुआ था। ऐसी संभावना है कि हमले में मिले मिसाइल के अवशेष, अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल के हो सकते हैं। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने बताया कि, ईरान के हमलों में लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से 8 लोगों की स्थिति काफी नाजुक बताई जा रही है।