इंटरनेशनल डेस्क। इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता का दौर है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी संभव है, जब वह बिना शर्त आत्मसमर्पण करे। उनके इस बयान को कई विश्लेषक युद्ध को और भड़काने वाला मान रहे हैं।
ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि अगर ईरान सरेंडर करता है और वहां एक 'बेहतर व स्वीकार्य नेतृत्व' यानी नई सरकार बनती है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश मिलकर ईरान की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने में मदद करेंगे। उनका दावा है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ईरान को मौजूदा आर्थिक संकट से बाहर निकाला जा सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि भविष्य में ईरान को पहले से ज्यादा मजबूत आर्थिक स्थिति में लाने के लिए व्यापक योजनाएं बनाई जा सकती हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी शर्तें स्वीकार करना ईरान के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि इससे उसकी संप्रभुता और राजनीतिक व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अपने बयान में ट्रंप ने एक नया नारा भी दिया 'Make Iran Great Again'। यह नारा उनके चर्चित राजनीतिक नारे 'Make America Great Again' से मिलता-जुलता है। ट्रंप का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और ईरान से जुड़ी घटनाएं वैश्विक कूटनीति का अहम मुद्दा बन चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच टकराव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि कई देश अब कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहे हैं, ताकि इस संकट को बड़े युद्ध में बदलने से रोका जा सके।