वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भारत के खिलाफ अनावश्यक रूप से सख्त आर्थिक कदम उठाने का आरोप लगाया है। बोल्टन का कहना है कि भारत पर लगाए गए भारी-भरकम अमेरिकी टैरिफ, दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को नुकसान पहुंचाने वाली "बड़ी गलती" हैं।
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है-
ट्रंप ने इसका बचाव करते हुए आरोप लगाया कि भारत न सिर्फ रूसी तेल बड़ी मात्रा में खरीद रहा है, बल्कि उसे खुले बाजार में ऊंचे दाम पर बेचकर मुनाफा कमा रहा है, जबकि यूक्रेन में युद्ध जारी है।
बोल्टन ने सवाल उठाया कि चीन भी रूस से भारत से ज्यादा तेल खरीद रहा है, लेकिन उस पर ऐसे टैरिफ या प्रतिबंध नहीं लगाए गए। उनके मुताबिक, यूक्रेन में युद्धविराम की कोशिशों के तहत भारत ही एकमात्र देश है जिसे इस तरह की सजा मिली है।
बोल्टन ने चेतावनी दी कि इस कदम से भारत-अमेरिका संबंधों में भरोसा डगमगा गया है। उन्होंने कहा कि, जब इतनी बड़ी गलती होती है, तो विश्वास बहाल करने में काफी समय लगता है।
बोल्टन ने मजाकिया लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दो बार नामांकित करने की पेशकश करनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ट्रंप को "बेहतर तरीके से हैंडल" कर रहे हैं।