वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच ऐसा टकराव रोका, जो परमाणु युद्ध में बदल सकता था। ट्रंप के मुताबिक, उस समय दोनों देशों के लड़ाकू विमान एक-दूसरे को गिरा रहे थे और हालात बेहद तनावपूर्ण थे।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि पिछले छह महीनों से भी कम समय में उन्होंने छह युद्ध खत्म कराए। इसमें कांगो-रवांडा और भारत-पाकिस्तान के बीच का टकराव भी शामिल है। ट्रंप के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच 6-7 विमान मार गिराए गए थे और दोनों देश परमाणु हथियार के इस्तेमाल की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
ट्रंप ने बयान में भारत पर 50% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने और रूस से तेल आयात पर अतिरिक्त पेनल्टी लगाने की चेतावनी भी दी। उनका आरोप है कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदकर उसे खुले बाजार में बेचकर मुनाफा कमा रहा है, जिससे यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा मिल रहा है।
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने 9 अगस्त को पहली बार आधिकारिक तौर पर बताया कि 7 मई को हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट और एक बड़ा सर्विलांस विमान गिराया गया।
पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में 5 से 6 भारतीय लड़ाकू विमानों को गिराने का दावा किया। पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने भारत पर ‘झूठी कहानियां’ गढ़ने का आरोप लगाया और कहा कि भारत को सच स्वीकार करना चाहिए।
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने साफ कहा कि पाकिस्तान के दावे पूरी तरह गलत हैं। उनके मुताबिक, असली मुद्दा यह नहीं कि कितने विमान गिरे, बल्कि यह है कि हमने अपनी गलतियों से क्या सीखा और कैसे सुधार किया।
ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को सुलझाने को अपनी सबसे कठिन चुनौती बताया। उनका कहना है कि पुतिन और जेलेंस्की दोनों शांति चाहते हैं, और वे कोशिश कर रहे हैं कि दोनों आमने-सामने बैठकर समाधान निकालें। इसके लिए ट्रंप आज अलास्का में पुतिन से मिलने वाले हैं।