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तिरंगे का अपमान :मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को नोटिस, MP-MLA कोर्ट ने पूछा- क्यों न दर्ज हो FIR?

तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रध्वज के कथित अपमान को लेकर एमपी-एमएलए कोर्ट ने परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को नोटिस दिया है। कोर्ट ने इस मामले में मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा है।
मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को नोटिस, MP-MLA कोर्ट ने पूछा- क्यों न दर्ज हो FIR?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर। तिरंगा यात्रा में राष्ट्रध्वज के कथित अपमान के मामले में मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को एमपी-एमएलए कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। विशेष न्यायाधीश  डीपी सूत्रकार की अदालत ने मंत्री से पूछा है कि क्यों न उनके विरुद्ध राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के अपराध में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने का आदेश दिया जाए?

    गाडरवारा में तिरंगा यात्रा का मामला

    नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव निवासी कौशल द्वारा दायर परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 11 अगस्त 2024 को गाडरवारा में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का अनादर किया गया। शिकायत के अनुसार मंत्री राव उदय प्रताप सिंह एक खुली जीप के बोनट पर बैठकर लोगों को संबोधित कर रहे थे और जीप के बोनट पर तिरंगा इस तरह बिछाया और लगाया गया था कि वह झुक रहा था तथा मंत्री के पैरों को स्पर्श कर रहा था। परिवादी के अनुसार घटना के बाद थाना गाडरवारा में शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। बाद में पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर को भी कई बार लिखित शिकायत भेजी गई, पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवादी ने सर्वोच्च न्यायालय के ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार (2014) के फैसले का हवाला देते हुए न्यायालय की शरण ली।

    फोटो, वीडियो क्लिप सबूत के तौर पर पेश

    मामले में प्रस्तुत तस्वीरें, वीडियो क्लिपिंग और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद मंत्री को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। परिवादी की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, प्रशांत अवस्थी, प्रशांत सिरमोलिया, विनीत टेहेनगुनिया, शुभम पाटकर, पंकज तिवारी और आनंद शुक्ला पैरवी कर रहे हैं।

    3 साल की सजा का है प्रावधान

    परिवादी का दावा है कि राष्ट्रीय गौरव का अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के स्पष्टीकरण 4(जे) के तहत किसी भी वाहन के बोनट, छत या किसी अन्य भाग पर राष्ट्रीय ध्वज को इस प्रकार रखने या ढकने पर रोक है, जिससे उसकी गरिमा प्रभावित हो। यह संज्ञेय अपराध है और इसमें तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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