पन्ना में फिर चमकी किस्मत :आदिवासी परिवार को मिला 11.19 कैरेट का बेशकीमती हीरा, कीमत लगभग 50 लाख रुपए

पन्ना। देश और दुनिया में हीरों की नगरी के रूप में प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक आदिवासी परिवार की किस्मत एक बार फिर चमक उठी है। अहिरगवां निवासी राकेश गोंड को अपनी निजी हीरा खदान से 11.19 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। हीरे की अनुमानित कीमत 40 से 50 लाख रुपए आंकी गई है। हीरा मिलने के बाद परिवार ने इसे संयुक्त कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय में जमा कर नियमानुसार उसका वजन और पंजीकरण कराया।
दो महीने की मेहनत का मिला बड़ा इनाम
राकेश गोंड ने अप्रैल 2026 में निजी भूमि का पट्टा लेकर अपने भाइयों और रिश्तेदारों के साथ हीरा खदान में खुदाई शुरू की थी। लगातार करीब दो महीने तक कठिन मेहनत करने के बाद उन्हें यह बहुमूल्य हीरा मिला। पन्ना क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्थानीय परिवार पारंपरिक तरीके से हीरों की तलाश करते हैं। कई बार वर्षों तक मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती, लेकिन जब किस्मत साथ देती है तो एक ही हीरा पूरी जिंदगी बदल देता है।
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पहले भी मिल चुका है 19.22 कैरेट का हीरा
यह पहली बार नहीं है जब राकेश गोंड के परिवार की किस्मत हीरे से चमकी हो। जुलाई 2024 में भी इसी परिवार को कृष्णा कल्याणपुर स्थित पटी उथली हीरा खदान से 19.22 कैरेट का हीरा मिला था। उस हीरे की सरकारी नीलामी में 93 लाख रुपए की सबसे ऊंची बोली लगी थी। लगातार दूसरी बार बड़ी सफलता मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है और क्षेत्र के अन्य खदान संचालकों में भी नई उम्मीद जगी है।
सरकारी नीलामी में बिकेगा हीरा
हीरा कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, 11.19 कैरेट के इस जेम क्वालिटी हीरे को आगामी सरकारी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा। नीलामी पूरी होने के बाद शासन द्वारा निर्धारित रॉयल्टी और अन्य वैधानिक शुल्क काटकर शेष राशि हीरा धारक राकेश गोंड को दी जाएगी। पन्ना में हीरा मिलने पर यही प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और उचित मूल्य सुनिश्चित होता है।
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पन्ना क्यों कहलाता है हीरों की नगरी?
मध्यप्रदेश का पन्ना देश का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां प्राकृतिक हीरों का व्यावसायिक खनन होता है। यहां हर वर्ष कई छोटे-बड़े हीरे मिलने की खबरें सामने आती हैं। इनमें से कुछ हीरे अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के होते हैं और सरकारी नीलामी में लाखों से लेकर करोड़ों रुपए तक में बिकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पन्ना की धरती में अब भी बहुमूल्य हीरों का विशाल भंडार मौजूद है, जो स्थानीय लोगों की आजीविका और जिले की पहचान दोनों का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है।












