ACB की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, जल बोर्ड टेंडर में भ्रष्टाचार मामले में एक्शन

नई दिल्ली। जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP के अपग्रेडेशन टेंडर में कथित अनियमितताओं को लेकर ACB ने कार्रवाई की है। सत्येंद्र जैन के अलावा पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत पांच अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में करीब 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत और उससे जुड़े लेनदेन की बात सामने आई है। वहीं, आप ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है और कहा है कि जिस समय का टेंडर है, उस वक्त सत्येंद्र जैन जेल में थे।
सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों की गिरफ्तारी
एंटी करप्शन ब्रांच ने दिल्ली जल बोर्ड के STP टेंडर मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा M/s AN एंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर नागेंद्र यादव, M/s यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के ओनर राजा कुमार कुर्रा और M/s सृजनहार के प्रोप्राइटर पंकज वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले में 11 मई 2024 को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और IPC की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। ACB के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की गई। अब एजेंसी मामले से जुड़े अन्य लोगों, दस्तावेजों और लेनदेन की भी जांच कर रही है।
टेंडर की शर्तों में हेरफेर का आरोप
सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच में दिल्ली जल बोर्ड के STP अपग्रेडेशन टेंडर में बड़े स्तर पर कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। जांच में सामने आया कि टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें रखी गईं, जिससे कथित तौर पर M/s यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को फायदा मिल सके। आरोप है कि प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के लिए पायलट स्टडी नहीं कराई गई और तकनीक मीडिया से जुड़ी प्रतिबंधात्मक शर्तें शामिल की गईं। इसके अलावा ट्रीटेड पानी से जुड़े जरूरी पैरामीटर भी हटाने का आरोप है। ACB अब टेंडर प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और कंपनियों की भूमिका से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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1.52 करोड़ की कथित रिश्वत की जांच
ACB की वित्तीय जांच में कमीशन और कथित रिश्वत की रकम अलग-अलग कंपनियों के जरिए घुमाए जाने का आरोप सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार, यूरोटेक से जुड़ी कंपनियों से नागेंद्र यादव की फर्म में रकम पहुंची। आरोप है कि M/s AN एंटरप्राइजेज के जरिए पूर्व CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में करीब 1.52 करोड़ रुपये भेजे गए। जांच में इस रकम से कथित तौर पर प्रॉपर्टी खरीदे जाने की बात भी सामने आई है। ACB अब पूरे मनी ट्रेल, बैंक खातों और कथित अपराध से जुड़ी संपत्तियों की जांच कर रही है।
AAP ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस जल बोर्ड टेंडर का हवाला दिया जा रहा है, उस समय सत्येंद्र जैन जेल में थे। उन्होंने सवाल किया कि जेल में रहते हुए सत्येंद्र जैन उस मामले के लिए कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं। ढांडा ने आरोप लगाया कि बीजेपी को AAP से डर लगता है और गिरफ्तारी की असली वजह राजनीतिक है। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन पंजाब के सह प्रभारी हैं और पंजाब में चुनाव आने वाला है। दूसरी तरफ ACB का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सरकारी खजाने को हुए कथित नुकसान के साथ पूरे मनी ट्रेल की पड़ताल की जा रही है।












