TMC विधायक मदन मित्रा की कार पर हमला :फेंके गए अंडे… प्रदर्शनकारियों ने लगाए 'चोर-चोर' और 'कटमनी वापस करो' के नारे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के खिलाफ बढ़ता जनाक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है। अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी के बाद अब कमरहाटी से TMC विधायक मदन मित्रा विरोध का सामना करते दिखाई दिए। उत्तर 24 परगना जिले के अरियादाहा इलाके में शनिवार रात उनकी कार को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और उस पर अंडे फेंके। इस दौरान 'चोर-चोर' और 'कटमनी का पैसा वापस करो' जैसे नारे भी लगाए गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक मदन मित्रा शनिवार रात अरियादाहा इलाके में एक कार्यक्रम और स्थानीय हालात का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि, सालों से स्थानीय स्तर पर 'कटमनी' के नाम पर उनसे पैसे वसूले गए हैं और अब वह पैसा वापस किया जाए। भीड़ ने विधायक की कार को घेर लिया और उस पर अंडे फेंकने शुरू कर दिए। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पार्षद के घर के बाहर चल रही थी बैठक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कमरहाटी के वार्ड नंबर 14 के एक पार्षद के घर के बाहर ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों की बैठक चल रही थी। बैठक में शामिल लोगों ने स्थानीय नेताओं पर अवैध वसूली और कटमनी लेने के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उनसे वर्षों से लिए गए पैसे वापस किए जाएं। विरोध बढ़ने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और मदन मित्रा को कार्यक्रम बीच में छोड़कर लौटना पड़ा।
मदन मित्रा का दावा- मैं गाड़ी में था ही नहीं
घटना के बाद विधायक मदन मित्रा ने कहा कि हमले के समय वह कार के अंदर मौजूद नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि, उनकी गाड़ी को निशाना बनाया गया और उनके ड्राइवर के साथ मारपीट भी की गई। मदन मित्रा ने यह भी दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे भाजपा समर्थित उपद्रवियों का हाथ हो सकता है। हालांकि, इस आरोप को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों ने लगाए 'चोर-चोर' के नारे
घटना के वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी विधायक की कार के आसपास जमा दिखाई दे रहे हैं। कई लोग 'चोर-चोर' के नारे लगा रहे हैं, जबकि कुछ लोग कटमनी का पैसा लौटाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि, पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा।
BJP ने क्या कहा?
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि, भाजपा हिंसा की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों में TMC सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ी है और वही अब अलग-अलग घटनाओं के रूप में सामने आ रही है। राजू बिस्ता ने कहा कि, जनता को अपनी शिकायतें कानून और प्रशासन के माध्यम से दर्ज करानी चाहिए और हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
10 दिन में TMC के तीसरे बड़े नेता का विरोध
पश्चिम Bengal में हाल के दिनों में TMC नेताओं के खिलाफ विरोध की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।
30 मई: अभिषेक बनर्जी पर हमला
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में चुनावी हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन पर अंडे, ईंट और पत्थर फेंके गए। विरोध के बीच उन्हें अपनी गाड़ी छोड़कर बाइक से अंदर जाना पड़ा था।
31 मई: कल्याण बनर्जी पर हमला
TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हुगली जिले में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पत्थर फेंका गया था। घटना में उनके सिर पर चोट आई थी और बाद में वह पट्टी बांधे दिखाई दिए थे।
7 जून: मदन मित्रा की कार पर हमला
अब कमरहाटी में मदन मित्रा की कार पर अंडे फेंकने की घटना ने राज्य में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
क्या TMC के अंदर भी बढ़ रही है मुश्किल?
हाल के दिनों में TMC को सिर्फ विपक्ष से ही नहीं, बल्कि पार्टी के अंदर भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि, कुछ नेताओं और विधायकों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। कई स्थानीय निकायों और संगठनात्मक स्तर पर भी असंतोष की खबरें आती रही हैं। इसी बीच विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि, राज्य में जनता का भरोसा TMC से कम हो रहा है, जबकि TMC इन आरोपों को राजनीतिक प्रचार बता रही है।
बागी विधायकों को चुनौती दे चुके हैं मदन मित्रा
हाल ही में मदन मित्रा ने पार्टी के असंतुष्ट और बागी रुख अपनाने वाले नेताओं को खुली चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि किसी नेता में दम है तो वह TMC और ममता बनर्जी के नाम के बिना चुनाव लड़कर दिखाए। मदन मित्रा को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी नेता माना जाता है।











