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Naresh Bhagoria
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कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक जीवन कृष्ण साहा को सोमवार को उनके मुर्शिदाबाद स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान साहा गिरफ्तारी से बचने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश करने लगे और इसी दौरान उन्होंने अपना मोबाइल फोन नाले में फेंक दिया। बाद में ईडी की टीम ने मोबाइल फोन बरामद कर लिया।
ईडी ने यह कार्रवाई स्कूल भर्ती घोटाले में मिले पैसों की लेन-देन से जुड़े सुरागों के आधार पर की। जांच एजेंसी ने इससे पहले साहा की पत्नी से भी लंबी पूछताछ की थी। बीरभूम जिले के एक व्यक्ति से धन के लेन-देन की जानकारी मिलने के बाद साहा के घर पर छापेमारी की गई। गिरफ्तारी के बाद साहा को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी हिरासत की मांग करेगी।
यह पहला मौका नहीं है जब साहा का नाम भर्ती घोटाले में आया हो। साल 2023 में भी सीबीआई ने उन्हें इसी केस में गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था। यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें 9वीं से 12वीं तक के सहायक शिक्षकों और प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया की अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए गए थे।
स्कूल भर्ती घोटाले में ईडी पहले ही कई बड़े नेताओं और अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी, टीएमसी विधायक एवं पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य भी शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद टीएमसी ने पार्थ चटर्जी को पार्टी से निलंबित कर दिया था।
ईडी इस मामले में अब तक 4 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी कई नेताओं और अधिकारियों की भूमिका सामने आ सकती है। साहा की गिरफ्तारी को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।