PlayBreaking News

Peoples Update Special :जबलपुर में एक गांव ऐसा जहां 75 फीसदी घरों में जलती है बॉयोगैस

एलपीजी के संकट के दौर में जबलपुर के एक गांव के लोगों की रसोई के लिए ईंधन को लेकर बेफिक्र हैं। दरअसल, बरगी के पास बसे बंदरकोला गांव में 75 फीसदी घरों में बॉयोगैस को किचन के फ्यूल के रूप में उपयोग किया जाता है।
Follow on Google News
जबलपुर में एक गांव ऐसा जहां 75 फीसदी घरों में जलती है बॉयोगैस
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नरेंद्र सिंह, जबलपुर । देशभर में एलपीजी संकट के बीच जबलपुर जिले का छोटा सा गांव बंदरकोला  ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है। बरगी के पास स्थित इस गांव के करीब 75 फीसदी घरों में रसोई बायोगैस से जलती है, जिससे यह गांव एलपीजी के संकट से लगभग अछूता है।

    2013 में हुई थी बॉयोगैस की शुरुआत

    जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर बसे इस गांव में करीब 400 घर हैं और आबादी 2 हजार है। इनमें से अधिकतर परिवार गोबर से तैयार होने वाली बायोगैस का उपयोग कर भोजन बनाते हैं, जबकि बाकी घरों में लकड़ी या कंडों का उपयोग होता है। गांव में एलपीजी कनेक्शन बहुत कम घरों में हैं। यहां 2013 में बायोगैस की शुरुआत पूर्व सरपंच अजय पटेल ने अपने घर से की थी। उन्होंने घर के पीछे करीब 3 मीटर गहरा गड्ढा बनवाकर बायोगैस प्लांट तैयार किया, जिसमें गोबर और पानी मिलाकर गैस तैयार की जाती है। यह गैस पाइपलाइन के माध्यम से सीधे रसोई तक पहुंचती है और चूल्हा जलाने में उपयोग होती है। 2019 में अजय पटेल सरपंच बने तो इसमें तेजी आई।  बंदरकोला गांव स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर काम के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुका है। 

    Uploaded media

    गांव की गोशाला भी बन रही सहारा 

    गांव में संचालित गोशाला में भी बायोगैस प्लांट लगाया गया है, जिससे आसपास के कुछ घरों तक गैस की आपूर्ति की जा रही है।

    10 से 12 हजार में लग जाता है प्लांट

    एक बायोगैस प्लांट लगाने में लगभग 10 से 12 हजार रुपये का खर्च आता है। गांव के कुछ गरीब परिवार यह खर्च वहन नहीं कर पाते, इसलिए उनके लिए जबलपुर के एक एनजीओ और शासन की सब्सिडी योजना के माध्यम से मदद उपलब्ध कराई गई है।

    अजय पटेल, पूर्व सरपंच, बंदरकोला, बरगी

    हमारे गांव में एलपीजी कनेक्शन बहुत कम 

    बॉयोगैस प्लांट लगाने के लिए पैसे नहीं थे। 2020 में सरपंचजी ने मदद करवाई, सब्सिडी भी मिल गई अब कितनी भी रसोई गैस जलाओ, कोई खर्च नहीं आता। हमारे गांव में एलपीजी कनेक्शन बहुत कम हैं। 

    उजयार सिंह कुड़ोपा, ग्रामीण

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts