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मढ़ई के कोर जोन में मछली पकड़ने गए युवकों पर टाइगर का हमला, एक गंभीर घायल, 7 घंटे तक बाघ के सामने पानी में छिपे रहे युवक

मढ़ई के कोर जोन में मछली पकड़ने गए युवकों पर टाइगर का हमला, एक गंभीर घायल, 7 घंटे तक बाघ के सामने पानी में छिपे रहे युवक
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सोहागपुर (नर्मदापुरम)। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) मढ़ई के कोर एरिया में सोमवार देर रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। देनवा वेक वॉटर में मछली शिकार करने गए तीन युवकों पर अचानक एक टाइगर ने हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक राजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी युवकों की बहादुरी से उसकी जान बच पाई, लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है।

    मछली पकड़ने गए थे तीन युवक

    प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेंद्र, रंजीत और हरिओम नामक तीन युवक मढ़ई कोर क्षेत्र में स्थित देनवा वेक वॉटर पर मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान अचानक एक टाइगर सामने आ गया और हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए तीनों युवक पानी में कूदे, लेकिन बाघ भी उनके पीछे पानी में उतर आया।

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    साथियों ने दिखाई हिम्मत

    घटना के दौरान टाइगर ने राजेंद्र को बुरी तरह घायल कर दिया और उसे जंगल की ओर घसीटने लगा। इसी बीच रंजीत और हरिओम ने साहस दिखाते हुए बाघ को ललकारा और शोर मचाते हुए किसी तरह अपने दोस्त को बाघ के चंगुल से छुड़ा लिया। इसके बाद तीनों युवक रातभर करीब 7 घंटे तक पानी में ही छिपे रहे, क्योंकि टाइगर सामने बैठा हुआ था।

    सुबह 7 बजे बाघ जंगल की ओर गया

    रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक तीनों युवक पानी में ही डटे रहे। बाघ लगातार आसपास ही मौजूद था। सुबह करीब 7 बजे टाइगर जंगल की ओर लौट गया, तब जाकर युवक सुरक्षित बाहर निकल पाए। इसके बाद उन्होंने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी। तत्काल एसडीओ अंकित जामोद, रेंजर राहुल उपाध्याय व पीएन ठाकुर मौके पर पहुंचे और 108 एम्बुलेंस से घायल राजेंद्र को सोहागपुर अस्पताल लाया गया, जहां से उसे नर्मदापुरम और फिर भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है।

    प्रजनन काल में कोर जोन में प्रवेश पर उठे सवाल

    इस घटना ने टाइगर-मानव संघर्ष की आशंकाओं को और प्रबल कर दिया है। गौरतलब है कि 15 जून से 15 अगस्त तक प्रजनन काल के चलते न सिर्फ पर्यटन बंद रहता है, बल्कि मत्स्याखेट (मछली पकड़ना) भी पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में कोर एरिया में युवकों की मौजूदगी और सुरक्षात्मक व्यवस्था की लचर स्थिति पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    घटना मढ़ई के प्रवेश द्वार के पास की है, जो यह दर्शाता है कि गश्त और निगरानी में लापरवाही बरती गई है। प्रतिबंधित समय में भी इंसानों की घुसपैठ और वन्यजीवों के साथ सीधा टकराव एसटीआर प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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