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इंदौर-देवास हाईवे के 40 घंटे के महाजाम का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, अधिकारियों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

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इंदौर-देवास हाईवे के 40 घंटे के महाजाम का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, अधिकारियों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

इंदौर-देवास हाईवे पर हाल ही में लगे 40 घंटे लंबे भीषण ट्रैफिक जाम का मामला अब मध्यप्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। जनहित याचिका के रूप में दायर इस मामले को कोर्ट ने गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों और विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

यह याचिका देवास निवासी आनंद अधिकारी ने सीनियर एडवोकेट गिरीश पटवर्धन और कीर्ति पटवर्धन के माध्यम से दायर की। याचिका में जाम के कारण हुई आमजन की भारी परेशानियों का हवाला देते हुए दोषियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिका में क्या कहा गया?

याचिका में कहा गया कि लगातार 40 घंटे तक हाईवे पर लगा जाम प्रशासन की लापरवाही और खराब प्रबंधन का परिणाम था। जाम में बीमार लोग, छात्र, महिलाएं और रोजमर्रा की जरूरत से जुड़े नागरिक घंटों फंसे रहे। न तो समय पर डायवर्जन किया गया और न ही वैकल्पिक प्रबंध। याचिकाकर्ता ने घटना की न्यायिक जांच और भविष्य के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।

हाईकोर्ट की सख्ती

जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए जिम्मेदार एजेंसियों (एनएचएआई, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग आदि) को नोटिस जारी किए। उनसे जवाब देने और लापरवाही की वजह बताने को कहा है। अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।

कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया : पटवर्धन

एडवोकेट गिरीश पटवर्धन ने कहा- हमने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि इस गंभीर मामले में न केवल जवाब मांगा जाए्र बल्कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो। हाईवे जैसे राष्ट्रीय मार्ग पर अगर 40 घंटे तक ट्रैफिक जाम रहता है तो यह जनता की ज़िंदगी से खिलवाड़ है। कोर्ट ने भी मामले को गंभीरता से लिया है और हम उम्मीद करते हैं कि अब भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए न्यायिक आदेश भी मिलेगा।

कैसा था यह महाजाम?

  • इंदौर-देवास हाईवे पर दो दिन पहले निर्माण कार्य और यातायात अव्यवस्था के चलते भीषण ट्रैफिक जाम लग गया था।
  • लगातार 40 घंटे तक हज़ारों वाहन फंसे रहे।
  • स्कूल बसें, एम्बुलेंस, ट्रक और यात्रियों की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक फैली रहीं।
  • स्थानीय प्रशासन द्वारा देर से रेस्पॉन्स, असमंजस में डायवर्जन, और निर्माण एजेंसियों की निष्क्रियता को जिम्मेदार माना गया।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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