लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद विपक्ष ने इसे बड़ी जीत बताया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह बिल सीधे तौर पर संविधान पर हमला था, जिसे विपक्ष ने मिलकर रोक दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, संशोधन विधेयक गिर गया…INDIA ने रोक दिया। जय संविधान।
राहुल गांधी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह असली महिला सशक्तिकरण का बिल नहीं था। उनके मुताबिक, महिलाओं के नाम पर एक ऐसा प्रस्ताव लाया गया, जिसका असल मकसद चुनावी व्यवस्था में बदलाव करना था। उन्होंने साफ कहा कि अगर 2023 वाला असली महिला आरक्षण बिल लाया जाता है, तो विपक्ष उसे पास कराने में पूरा सहयोग देगा।
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गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह पिछड़े वर्गों (OBC) को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर जातीय जनगणना से बच रही है, ताकि आने वाले वर्षों में इसका असर राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर न पड़े। उनके मुताबिक, यह कदम सामाजिक न्याय के खिलाफ है।
इतान ही नहीं राहुल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को अपना जनाधार कम होने का डर है। इसी वजह से सरकार देश के राजनीतिक नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
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सदन में गांधी ने दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन राज्यों का प्रतिनिधित्व कम करने की दिशा में काम कर रही है। इसे उन्होंने “राष्ट्र-विरोधी कदम” बताया और कहा कि विपक्ष इसे हर हाल में रोकेगा।
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राहुल गांधी ने साफ किया कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और देश के संघीय ढांचे से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्यों को भरोसा दिलाया कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव लड़ाई लड़ी जाएगी।
इस विधेयक के गिरने के बाद अब राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है। विपक्ष इसे अपनी बड़ी जीत मान रहा है, जबकि सरकार के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।