पांढुर्णा में स्ट्रीट डॉग का हमला :3 साल के मासूम के चेहरे पर काटा; सात दांतों के निशान पड़े

परिजनों के मुताबिक, वर्षांक अपने घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान एक स्ट्रीट डॉग वहां पहुंचा और उसने बच्चे को गिराकर हमला कर दिया। कुत्ते के हमले से बच्चा बुरी तरह घबरा गया और जोर-जोर से रोने लगा।
3 साल के मासूम के चेहरे पर काटा; सात दांतों के निशान पड़े

पांढुर्णा। जिले के जूनेवाणी गांव में एक स्ट्रीट डॉग ने 3 साल के मासूम वर्षांक चौधरी पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के चेहरे और गाल पर काट लिया, जिससे उसके चेहरे पर सात दांतों के निशान पड़ गए और करीब एक इंच लंबा घाव हो गया। घटना मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे की बताई जा रही है। घायल बच्चे का अस्पताल में इलाज कराया गया, जहां उसे एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए।

आंगन में खेल रहा था बच्चा, तभी किया हमला

परिजनों के मुताबिक, वर्षांक अपने घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान एक स्ट्रीट डॉग वहां पहुंचा और उसने बच्चे को गिराकर हमला कर दिया। कुत्ते के हमले से बच्चा बुरी तरह घबरा गया और जोर-जोर से रोने लगा। घटना के बाद सामने आए वीडियो में मासूम अपनी तोतली आवाज में पूरी घटना बताता नजर आ रहा है। बच्चा कहता है, “मैं घर के आंगन में खेल रहा था, तभी कुत्ता आया और मुझे गिरा दिया।

जब उससे पूछा गया कि उसने क्या किया, तो वह पहले अपने पिता नंदलाल चौधरी की तरफ देखता है और फिर कहता है, इन्होंने कहा था मारना नहीं, भगा देना।

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चीख सुनकर पहुंचे परिजन, तुरंत अस्पताल ले गए

बच्चे के पिता नंदलाल चौधरी ने बताया कि कुत्ते ने वर्षांक के चेहरे और गाल पर गंभीर तरीके से काटा है। हमले में बच्चे का एक दांत भी टूट गया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाया। इसके बाद परिजन घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए।

तीन दिन पहले 4 मवेशियों पर भी कर चुका हमला

परिवार का आरोप है कि यह वही स्ट्रीट डॉग है, जिसने तीन दिन पहले गांव में चार मवेशियों पर भी हमला किया था। मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से की गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पहले ही कुत्ते को पकड़ने या हटाने की कार्रवाई होती, तो मासूम पर हमला टाला जा सकता था।

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ग्रामीणों में डर का माहौल

यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि गांवों और कस्बों में बढ़ते स्ट्रीट डॉग खतरे की तस्वीर भी है। लगातार हो रहे हमलों के कारण गांव में डर का माहौल बन गया है। लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं, वहीं मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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