छूटा साथ : अन्नामलाई ने नितिन नवीन को सौंपा इस्तीफा, जल्द बनाएंगे नई पार्टी

नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई ने मंगलवार को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष से मुलाकात कर अपना पांच पन्नों का इस्तीफा सौंप दिया। इस घटनाक्रम को दक्षिण भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई राजनीतिक पार्टी के गठन की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई अब अपनी नई क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनके करीबी सहयोगियों का दावा है कि प्रस्तावित पार्टी ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘तमिल-प्रथम’ विचारधारा पर आधारित होगी। माना जा रहा है कि यह नया राजनीतिक संगठन तमिलनाडु की क्षेत्रीय आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर राजनीति करेगा।
छह से आठ महीने में हो सकता है ऐलान
सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई की नई पार्टी अगले छह से आठ महीनों के भीतर औपचारिक रूप से लॉन्च की जा सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह दल खुद को तमिलनाडु में भाजपा और पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों दोनों के विकल्प के रूप में स्थापित करने का प्रयास करेगा। अन्नामलाई के समर्थकों का कहना है कि वह एक ऐसा मंच तैयार करना चाहते हैं जो तमिल पहचान को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ सके और मुद्दा आधारित राजनीति को बढ़ावा दे।
रणनीतिक मतभेद बने अलगाव की वजह
भाजपा और अन्नामलाई के बीच पिछले कई महीनों से राजनीतिक रणनीति को लेकर मतभेद की चर्चाएं चल रही थीं। सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई AIADMK के साथ गठबंधन दोबारा शुरू करने के भाजपा नेतृत्व के फैसले से संतुष्ट नहीं थे। इसके अलावा विधानसभा चुनावों से पहले उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को लेकर भी उनकी कुछ आपत्तियां थीं। माना जा रहा है कि इन्हीं कारणों से चुनाव के बाद उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला किया। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अन्नामलाई की नई राजनीतिक पारी तमिलनाडु की राजनीति में कितना प्रभाव छोड़ती है।
गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले
अपना इस्तीफा सौंपने के बाद अन्नमलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। माना जा रहा है कि उन्होंने शाह से मिलकर उन परिस्थितयों पर बात की जिनकी वजह से भाजपा से तालमेल बनाने में असुविधा हुई। हालांकि अब तक अन्नमलाई ने अपना कोई बयान नहीं दिया है।












