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MP के शिक्षकों में हड़कंप:TET पास नहीं किया तो जा सकती है नौकरी!

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों के सामने अब बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि पुराने शिक्षकों को भी अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी।
TET पास नहीं किया तो जा सकती है नौकरी!
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों के सामने अब बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि पुराने शिक्षकों को भी अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी। यदि वे निर्धारित समय सीमा में यह परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं, तो उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है।

    RTE और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

    यह फैसला शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षकों का पात्रता परीक्षा पास होना जरूरी है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति RTE लागू होने से पहले हुई थी और जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी 5 साल से ज्यादा समय बाकी है, उन्हें अनिवार्य रूप से TET परीक्षा देनी होगी।

    दो साल का दिया गया समय

    सरकार ने इन शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए दो साल का समय दिया है। विभाग की योजना के अनुसार, इन शिक्षकों के लिए जुलाई-अगस्त 2026 में विशेष TET परीक्षा आयोजित की जा सकती है। यदि कोई शिक्षक तय समय सीमा के भीतर यह परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसे या तो इस्तीफा देना होगा या फिर विभाग उसे सेवा से मुक्त कर सकता है।

    प्रमोशन के लिए भी जरूरी होगा TET

    नए नियम के अनुसार अब सिर्फ नई भर्ती ही नहीं, बल्कि पदोन्नति (प्रमोशन) के लिए भी TET पास होना अनिवार्य होगा। बिना पात्रता परीक्षा के न तो नई नियुक्ति मिलेगी और न ही किसी शिक्षक को पदोन्नति दी जाएगी।

    शिक्षकों की लिस्ट तैयार करने के निर्देश

    शिक्षा विभाग ने जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करें जिन्होंने अभी तक TET पास नहीं किया है। इन शिक्षकों को समय रहते परीक्षा के बारे में सूचना देने को कहा गया है।

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    शिक्षक संगठनों में नाराजगी

    सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के कई शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। संगठनों का कहना है कि जो शिक्षक 20–25 साल से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें अब इस उम्र में परीक्षा के नाम पर नौकरी से निकालना अन्यायपूर्ण है। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि राज्य में CM Rise School योजना के तहत छोटे सरकारी स्कूलों के विलय के कारण पहले ही बड़ी संख्या में शिक्षक अतिरिक्त हो रहे हैं। ऐसे में TET को अनिवार्य बनाकर कई शिक्षकों को नौकरी से बाहर करने की आशंका जताई जा रही है।

    आगे बढ़ सकता है विवाद

    सरकार के इस फैसले के बाद शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों के बीच विरोध तेज होने की संभावना है। यदि इस आदेश में बदलाव नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इसे लेकर आंदोलन भी हो सकता है। फिलहाल शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए इस फैसले को लागू करने की तैयारी में है।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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