जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई में एक पाकिस्तान समर्थित आतंकी मारा गया, जबकि दूसरे आतंकी की तलाश के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक खुफिया एजेंसियों से मिले विश्वसनीय इनपुट के आधार पर मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे नौशेरा के झांगर इलाके में एलओसी के पास दो संदिग्ध आतंकियों की गतिविधि देखी गई। सूचना मिलते ही सतर्क सैनिकों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर ऑपरेशन शुरू किया।
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने तेजी और सटीकता के साथ कार्रवाई करते हुए घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी मारा गया, जिससे एलओसी पार से घुसपैठ की कोशिश विफल हो गई।
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घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। दूसरे आतंकी की तलाश के लिए सेना ने निगरानी बढ़ा दी है। जमीनी गश्त के साथ-साथ हवाई निगरानी के जरिए भी पूरे सेक्टर पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
इससे पहले 23 फरवरी को भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सात आतंकियों की तस्वीरें साझा की थीं। सेना ने बताया था कि 326 दिन तक चले ऑपरेशन के बाद किश्तवाड़ में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का सफाया कर दिया गया। पोस्ट के अनुसार, मारे गए आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था, जो किश्तवाड़ में आतंक गतिविधियों का प्रमुख सरगना माना जाता था।
इस ऑपरेशन में भारतीय सेना के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और खुफिया एजेंसियों ने भी अहम भूमिका निभाई थी।