हैदराबाद। तेलंगाना में ग्राम पंचायत चुनाव के बाद कई गांवों से आवारा कुत्तों को बड़े पैमाने पर हत्या करने के गंभीर मामले सामने आए हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर अलग-अलग जिलों के गांवों में कथित तौर पर करीब 500 आवारा कुत्तों की हत्या किए जाने की खबर है। पुलिस के अनुसार इन घटनाओं में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका भी सामने आ रही है, जिसके चलते मामलों ने तूल पकड़ लिया है।
कामारेड्डी जिले का है मामला
ताजा मामला कामारेड्डी जिले से सामने आया है। यहां पालवंचा मंडल के भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारामेश्वरपल्ली गांवों में पिछले दो से तीन दिनों के दौरान करीब 200 आवारा कुत्तों को मारे जाने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने पांच सरपंचों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है।
इससे पहले हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं। 6 से 9 जनवरी के बीच यहां लगभग 300 आवारा कुत्तों की कथित तौर पर हत्या की गई थी। पुलिस ने उस मामले में दो महिला सरपंचों, उनके पतियों सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद राज्य में आवारा पशुओं की सुरक्षा और पंचायत स्तर पर लिए जा रहे फैसलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आवारा कुत्तों की समस्या निपटारा का किया गया था वादा
गांवों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान कई उम्मीदवारों ने आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या से निपटने का वादा किया था। आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद कुछ जनप्रतिनिधि उन्हीं वादों को पूरा करने के नाम पर आवारा कुत्तों की हत्या करवा रहे हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
इस पूरे मामले को लेकर एनिमल वेलफेयर एक्टिविस्ट अदुलापुरम गौथम ने मछारेड्डी पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि भवानीपेट गांव में उन्हें बड़ी संख्या में कुत्तों के शव पड़े मिले थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आसपास के अन्य गांवों में भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं।




















