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विदेशी आय और प्रॉपर्टी को लेकर Income Tax के रडार पर मप्र-छग के कई टैक्स पेयर्स

अब विदेशी आय और विदेशों में प्रॉपर्टी वाले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रडार पर हैं। विभाग एक बार रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने का मौका ऐसे टैक्स पेयर्स को दे रहा है। इसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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विदेशी आय और प्रॉपर्टी को लेकर Income Tax के रडार पर मप्र-छग के कई टैक्स पेयर्स
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजीव सोनी, भोपाल।आयकर विभाग (Income Tax) के रडार पर अब ऐसे टैक्स पेयर्स भी आ गए हैं जिनकी विदेशों में प्रॉपर्टी अथवा फारेन स्रोतों से आमदनी है लेकिन उन्होंने विभाग से यह जानकारी छिपा ली। आयकर के वरिष्ठ अफसरों के मुताबिक, हमारा ऐसा मानना है कि यह भूलवश भी हो सकता है। इसलिए विभाग की तरफ से सभी टैक्स पेयर्स को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करके गलती सुधार लें। ‘ब्लैक मनी एक्ट’ के तहत विभाग ने यह एक्शन शुरू किया है।

    बेनामी संपत्ति वाले टैक्स पेयर्स चिह्नित

    मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी राज्यों में विभाग ने 'नज' कार्यक्रम के तहत विशेष मुहिम शुरू की है। जिसमें पहले ‘टैक्स पेयर्स पर 100 फीसदी भरोसा फिर स्क्रूटनी की नीति है। आयकर विभाग ने दोनों राज्यों में कई ऐसे टैक्स पेयर्स चिह्नित किए हैं जिनकी बेनामी प्रॉपर्टी दूसरे देशों में है। इस विशेष अभियान के तहत ऐसे टैक्स पेयर्स को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने को कहा जा रहा है।

    ‘ट्रस्ट फर्स्ट स्क्रूटनी लेटर’

    विभाग को ऐसे कई टैक्स पेयर्स की बेहिसाब (डिसप्रिपोशनेट) प्रॉपर्टी का ब्योरा विभाग को कई स्रोतों से मिल चुका है। लेकिन उन्होंने स्वयं अपनी तरफ से विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी। इसके लिए विभाग ने देश भर में 'नज' कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम का सूत्र वाक्य है- ट्रस्ट फर्स्ट स्क्रूटनी लेटर। विभाग पहले करदाता की बात पर भरोसा करेगा उसके बाद ब्लैक मनी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू करेगा।

    खुफिया स्रोत से मिल रहीं सूचनाएं

    विभाग की जानकारी के अनुसार आयकर विभाग को हर दिन आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस और खुफिया सूत्रों के अलावा विभिन्न स्त्रोतों से लाखों करदाताओं के फाइनेंसियल डिटेल पहुंच रहे हैं। इनमें बेनामी और विदेशों में मौजूद प्रॉपर्टी के डिटेल भी हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) के निर्देश पर आयकर विभाग आउटरीच कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय किया है।

     जुर्माना और जेल की सजा

    विदेशी प्रॉपर्टी की जानकारी देना जरूरी है। रिवाइज्ड आयकर रिटर्न का ऑप्शन  है। ऐसा न होने पर ब्लैक मनी एक्ट 2015 की धारा 42, 49, 50 और 51 के तहत 90 फीसदी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है।           

    डॉ. आरएन सिंह, टैक्स विशेषज्ञ, भोपाल

    शुरू किए आउटरीच कार्यक्रम

    मप्र-छग के कई शहरों में जनजागरुकता के लिए विभाग ने आउटरीच कार्यक्रम की शुरूआत की है। कई शहरों में ऐसे शिविर लगाए जाएंगे। अभी इंदौर में विभागीय अफसरों ने टैक्स पेयर्स को आम तौर पर होने वाली गलतियां समझाईं और एक्ट के बारे में जानकारियां दीं। साथ ही उनके सवालों के जवाब भी दिए।

    भारती सिंह, कमिश्नर (TDS), MP-CG

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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