केंद्र के इस फैसले से नाराज हुए तमिलनाडु CM विजय ;PM मोदी को लिखी चिट्ठी, NLC हिस्सेदारी से जुड़ा है मामला

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार के नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (NLC) में हिस्सेदारी बेचने के फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने केंद्र से इस प्रस्तावित विनिवेश (डिसइन्वेस्टमेंट) पर दोबारा विचार करने की मांग की है। चूंकि वे इस बात को सार्वजनिक तौर पर भी कहा चुके हैं।
क्या है केंद्र का प्रस्ताव?
केंद्र सरकार ने NLC इंडिया लिमिटेड में अपनी अधिकतम 3% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इसमें 2% हिस्सेदारी 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के तहत और 1% ग्रीन-शू ऑप्शन के रूप में बेचने का प्रस्ताव है। हालांकि इस फैसले से सीएम जोसेफ निराश चल रहे हैं। जिसके बाद उन्होंने खुद पीएम मोदी को लेटर लिख इसमें हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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CM विजय ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में विजय ने कहा कि NLC सिर्फ एक सूचीबद्ध (लिस्टेड) कंपनी नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा, खनिज विकास और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़ी रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति है। ऐसे संस्थान में सरकार की हिस्सेदारी कम करना सही कदम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि NLC तमिलनाडु के विकास और अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ी हुई है। इसलिए इसमें सरकारी हिस्सेदारी घटाने का फैसला राज्य के हितों के खिलाफ है।
ऊर्जा सुरक्षा पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय नहीं है, बल्कि देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और सार्वजनिक हित से भी जुड़ा है। अगर रणनीतिक सार्वजनिक उपक्रमों में सरकार की हिस्सेदारी लगातार कम होती रही, तो यह भविष्य के लिए गलत उदाहरण बन सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार तमिलनाडु सरकार की चिंताओं को गंभीरता से लेगी और अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगी।
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5 पॉइंट्स में समझे क्यों नाराज है तमिलनाडु CM
- NLC में हिस्सेदारी बेचने का विरोध
तमिलनाडु सरकार ने केंद्र के 3% हिस्सेदारी बेचने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। - PM मोदी को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र भेजा। - NLC को बताया रणनीतिक संपत्ति
विजय के अनुसार, NLC केवल एक कंपनी नहीं बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है। - तमिलनाडु से गहरा जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि NLC की स्थापना, विकास और संचालन तमिलनाडु से जुड़ा है, इसलिए राज्य के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। - ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता
उनका कहना है कि सरकारी हिस्सेदारी कम होने से भविष्य में देश की ऊर्जा सुरक्षा और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर असर पड़ सकता है।











