राम मंदिर चंदा चोरी केस :सामने आया राज, एसआईटी ने बताया आखिर कहां गईं दान में मिली चांदी की ईंटें

नेशनल डेस्क। अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। आरोप लगाए जा रहे थे कि मंदिर को दान में मिली चांदी की ईंटों का कोई रिकॉर्ड नहीं है और वे गायब हो गई हैं। हालांकि, अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में इन दावों की सच्चाई सामने आ गई है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि दान में मिली सभी चांदी की ईंटों का पूरा रिकॉर्ड श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास सुरक्षित है।
जांच में सामने आई पूरी तस्वीर
चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले की जांच के दौरान एसआईटी ने चांदी की ईंटों से संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों की भी बारीकी से जांच की। अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल किए गए कई आरोप आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। विशेष रूप से अनुराग रस्तोगी द्वारा दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर किए गए दावों की भी जांच की गई, लेकिन उपलब्ध दस्तावेजों में उन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
दान में मिली हर चांदी की ईंट का मौजूद है हिसाब
एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट के रिकॉर्ड में चांदी के दान का पूरा विवरण दर्ज है। दस्तावेज बताते हैं कि 21 जुलाई और 28 जुलाई 2020 के दौरान कुल 38 किलोग्राम चांदी दान में प्राप्त हुई थी। इसके बाद 29 जुलाई 2020 को 25.576 किलोग्राम चांदी की ईंटें भी ट्रस्ट को सौंपी गई थीं। जांच में इन सभी दानों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित पाया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दान की गई चांदी का पूरा लेखा-जोखा उपलब्ध है।
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गलाकर बैंक लॉकर में रखी गई चांदी
जांच का सबसे अहम निष्कर्ष यह रहा कि दान में मिली चांदी की ईंटें कहीं गायब नहीं हुई हैं। एसआईटी के मुताबिक, ट्रस्ट की निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन ईंटों को गलाकर सुरक्षित स्वरूप में बैंक के लॉकर में जमा करा दिया गया था। इस तरह सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे यह आरोप कि चांदी की ईंटें लापता हैं, जांच में निराधार और भ्रामक साबित हुए।
चढ़ावे में गड़बड़ी की जांच अभी भी जारी
हालांकि चांदी की ईंटों को लेकर लगाए गए आरोप गलत पाए गए हैं, लेकिन मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच अभी भी जारी है। एसआईटी की सिफारिश पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इन पर दान राशि की चोरी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और एसआईटी अलग-अलग पहलुओं से पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
सामने आईं कई व्यवस्था की कमियां
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में कैश काउंटिंग व्यवस्था, कर्मचारियों की निगरानी, सीसीटीवी सिस्टम और दान राशि को मंदिर से बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कई खामियां सामने आई हैं। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस बीच, मामले के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे ने भी इस पूरे प्रकरण को चर्चा का विषय बना दिया है।
सोशल मीडिया पर किए गए दावे गलत
एसआईटी का कहना है कि चांदी की ईंटों को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए गए कई दावे रिकॉर्ड के आधार पर गलत साबित हुए हैं। वहीं, चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों की जांच पूरी गंभीरता से जारी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल की जाएगी और जो भी व्यक्ति तथ्य छिपाने, अफवाह फैलाने या वित्तीय अनियमितता में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।












