Amarnath Yatra 2026 :3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा, हाईटेक सुरक्षा कवच में रहेंगे श्रद्धालु

जम्मू-कश्मीर। 3 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रा मार्ग और प्रमुख रिसेप्शन सेंटरों पर सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए कठुआ पुलिस ने बड़ा मॉक ड्रिल (ट्रायल रन) किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद कठुआ की एसएसपी मोहिता शर्मा ने संभाली।
SSP मोहिता शर्मा ने लिया तैयारियों का जायजा
मॉक ड्रिल के दौरान एसएसपी मोहिता शर्मा ने यात्रा मार्ग और प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों से बातचीत कर उनकी तैयारी का आकलन किया और जरूरी निर्देश भी दिए।
इन जगहों पर हुई सुरक्षा व्यवस्था की जांच
लखनपुर रिसेप्शन सेंटर
जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर रिसेप्शन सेंटर पर यात्रियों की सुरक्षा जांच, पहचान सत्यापन और सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। कोशिश है कि श्रद्धालुओं को बिना परेशानी के आगे भेजा जाए।
मोगा लंगर साइट
श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था वाले इस प्रमुख केंद्र पर सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।
जवानों को दिए खास निर्देश
एसएसपी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों से कहा कि सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही न हो। साथ ही श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखें।
इस बार सुरक्षा में क्या खास?
एंटी-ड्रोन सिस्टम से निगरानी
यात्रा मार्ग का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा और राष्ट्रीय राजमार्ग के पास होने के कारण इस बार बड़े स्तर पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। इसका मकसद किसी भी हवाई खतरे से तुरंत निपटना है।
बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा
- नेशनल हाईवे और रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे निगरानी रहेगी।
- सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
- यात्रा मार्ग पर हर संवेदनशील स्थान पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
सभी एजेंसियां मिलकर कर रही हैं काम
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, अर्धसैनिक बल और नागरिक प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। मौसम खराब होने या किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके, इसके लिए विशेष योजना तैयार की गई है।
यात्रियों के लिए क्या है सलाह?
यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने साथ यात्रा परमिट, आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र जरूर रखें। सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों का पूरा सहयोग करें, ताकि यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।
श्रद्धालुओं को मिलेगा सुरक्षित माहौल
प्रशासन का कहना है कि इस बार हाईटेक तकनीक और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के जरिए यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की कोशिश की गई है। जगह-जगह हेल्प डेस्क और सुरक्षा बलों की तैनाती से श्रद्धालुओं को हर संभव मदद मिलेगी और वे बिना किसी डर के बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।











