दिल्ली दौरे से लौटे तमिलनाडु CM विजय :राहुल गांधी से नहीं हुई मुलाकात, केंद्र के सामने रखी कई बड़ी मांगें

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अपनी पहली आधिकारिक दिल्ली यात्रा पूरी करके गुरुवार को चेन्नई लौट गए। इस दौरे में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
राहुल गांधी से मुलाकात टली
कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने साफ किया कि मुख्यमंत्री की यह यात्रा पूरी तरह सरकारी कार्यक्रमों के लिए थी, राजनीतिक बैठकों के लिए नहीं। इसी वजह से राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात रद्द नहीं हुई है, बल्कि फिलहाल टाल दी गई है। संभावना है कि मुख्यमंत्री जून में नीति आयोग की बैठक के लिए फिर दिल्ली आएंगे। उस दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात हो सकती है।
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केंद्र के सामने क्या मांगें रखी?
- दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इनमें मेकेदातु बांध विवाद, तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी और तमिल वंदना गीत से जुड़ा विवाद शामिल रहा।
- इसके अलावा उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़ी कई मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने बंदरगाह और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को प्राथमिकता देने, रेलवे प्रोजेक्ट और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए वित्तीय सहायता देने की मांग की।
- उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान स्थापित करने और इरोड, कोयंबटूर तथा मदुरै में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए केंद्र से आर्थिक मदद मांगी, ताकि सार्वजनिक परिवहन और उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।
मेकेदातु बांध परियोजना पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने कर्नाटक की मेकेदातु परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की। सरकारी बयान के मुताबिक, विजय ने कहा कि कर्नाटक सरकार का यह कदम कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अंतिम फैसले और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। तमिलनाडु लंबे समय से इस परियोजना का विरोध करता रहा है।
तमिल वंदना गीत और कैबिनेट विस्तार का मुद्दा भी उठा
मुख्यमंत्री ने तमिल थाई वाझ्थु यानी तमिल वंदना गीत से जुड़े विवाद को भी केंद्र के सामने रखा। हाल ही में उनकी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम और राष्ट्रगान के बाद इसे बजाए जाने पर विवाद हुआ था। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
भाकपा के राज्य सचिव एम. वीरापांडियन ने मुख्यमंत्री की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजना, मेकेदातु बांध और तमिल थाई वाझ्थु जैसे मुद्दे लोगों की भावनाओं और राज्य के हितों से जुड़े हैं। इसलिए केंद्र सरकार को तमिलनाडु की मांगों पर सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।











