लिव-इन में सहमति से बने संबंधों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, कहा- रिश्ता तोड़ना अपराध नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति से बने लिव-इन रिश्ते के टूटने पर शारीरिक संबंधों को अपने आप रेप नहीं माना जा सकता। हालांकि शुरुआत से शादी का झूठा वादा कर सहमति लेने पर मामला अलग होगा।
Dr. Sumit Shrivastava
30 Oct 2026


























