बीमारी से आजादी-1947 में एक सरकारी अस्पताल से शुरू हुआ भोपाल का सफर, अब छह मेडिकल कॉलेज और हार्ट ट्रांसप्लांट-रोबोटिक सर्जरी तक पहुंचा शहर
आजादी के बाद भोपाल की स्वास्थ्य व्यवस्था सुल्तानिया जनाना अस्पताल से आगे बढ़कर छह मेडिकल कॉलेज और एम्स जैसे बड़े संस्थानों तक पहुंच गई है। शहर में कैंसर उपचार, किडनी-हार्ट ट्रांसप्लांट, न्यूरोसर्जरी और जटिल सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। हर साल करीब 1900 डॉक्टर तैयार हो रहे हैं और आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी भी जुड़ने वाली है।
Naresh Bhagoria
15 Aug 2026



























