PU Special :भोपाल के कुराना गांव में खुली पहली लाइब्रेरी, 50 से ज्यादा छात्र-छात्राएं कर रहे पढ़ाई

ब्रजेंद्र वर्मा, भोपाल। पंचायत भवन में शुरू हुई इस लाइब्रेरी में अलग-अलग विषयों की 300 पुस्तकें उपलब्ध हैं और अब तक 50 से अधिक छात्र-छात्राएं इससे जुड़ चुके हैं। लाइब्रेरी पूरी तरह नि:शुल्क है और लोगों से पुस्तकें दान करने की अपील की जा रही है। भविष्य में जिले के 10 अलग-अलग गांवों में ऐसी लाइब्रेरी खोलने की योजना है, ताकि ग्रामीण विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी किताबें मिल सकें।
कुराना गांव में शुरू हुई पहली लाइब्रेरी,50 से ज्यादा विद्यार्थी जुड़े
भोपाल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आमतौर पर शहर की लाइब्रेरी का रुख करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए एक महीने पहले कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी की पहल पर गांवों में लाइब्रेरी खोलने की योजना शुरू की गई। इसके तहत जनपद पंचायत फंदा के कुराना गांव के पंचायत भवन में पहली लाइब्रेरी खोली गई है, जहां कुराना सहित आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं रोज पढ़ाई करने पहुंच रहे हैं।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिल रहीं किताबें
कुराना गांव की लाइब्रेरी में अभी अलग-अलग विषयों की 300 पुस्तकें उपलब्ध हैं। इनमें साहित्यिक किताबों के साथ पीएससी, यूपीएससी, बैंकिंग, रेलवे, एसएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी पुस्तकें भी शामिल हैं। लाइब्रेरी पूरी तरह नि:शुल्क है और यहां छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई के लिए समय बिता रहे हैं, जिससे उन्हें किताबों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविर में उठी थी समस्या
करीब दो महीने पहले मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत मुंगालिया हाट गांव में जनकल्याण शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में कुराना गांव की बेटी खुशबू अहिरवार ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी के सामने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गांव में उचित व्यवस्था नहीं होने की समस्या रखी थी। खुशबू ने बताया था कि किताबें खरीदने के लिए पैसे नहीं होते और घर में भी एकाग्र होकर पढ़ाई करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
खुशबू अहिरवार की समस्या से शुरू हुई पहल
खुशबू अहिरवार की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी और फंदा जनपद पंचायत की सीईओ शिवानी मिश्रा को गांव में लाइब्रेरी शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद महज एक महीने में कुराना गांव के पंचायत भवन में लाइब्रेरी शुरू कर दी गई। खास बात यह रही कि लाइब्रेरी का लोकार्पण भी खुशबू अहिरवार से ही कराया गया, जिनकी समस्या से इस पहल की शुरुआत हुई थी।
10 गांवों में खोली जाएंगी लाइब्रेरी
बैरसिया और फंदा ब्लॉक के अंतर्गत 202 ग्राम पंचायतें आती हैं और कुराना गांव में पहली लाइब्रेरी शुरू की गई है। भविष्य में जिले के 10 अलग-अलग गांवों में ऐसी लाइब्रेरी खोलने की योजना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी किताबें मिल सकें। जिला प्रशासन और पंचायत की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि जिनके पास उपयोगी पुस्तकें हैं, वे उन्हें लाइब्रेरी में दान कर सकते हैं।
अधिकारियों ने क्या कहा?
जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने बताया कि कुराना गांव में शुरू की गई लाइब्रेरी का लाभ विद्यार्थियों को मिलने लगा है। यह अभी एक छोटी-सी शुरुआत है और आने वाले दिनों में अन्य गांवों में भी इसी तरह की लाइब्रेरी खोली जाएंगी। वहीं, जनपद पंचायत फंदा की सीईओ शिवानी मिश्रा ने बताया कि लाइब्रेरी शुरू होने से गांवों के बेटे-बेटियों के चेहरों पर खुशी देखते ही बनती है। कुराना सहित आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ने आ रहे हैं।




















