T20 World Cup :रिंकू सिंह पिता का आशीर्वाद लेकर चेन्नई लौटे, जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के लिए रहेंगे तैयार

भारतीय क्रिकेट टीम के बैटर रिंकू सिंह फैमिली इमरजेंसी के कारण प्रैक्टिस कैंप छोड़कर घर लौटना पड़ा था। अब खबर आई है कि रिंकू चेन्नई पहुंच रहे हैं। वे जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मैच के लिए तैयार रहेंगे।
रिंकू सिंह पिता का आशीर्वाद लेकर चेन्नई लौटे, जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के लिए रहेंगे तैयार
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अहम मुकाबले से पहले एक सकारात्मक अपडेट सामने आया है। विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह अब जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले सुपर-8 मैच से पहले दोबारा टीम से जुड़ने वाले हैं। चेन्नई में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पुष्टि की कि रिंकू बुधवार शाम तक टीम के साथ होटल में शामिल हो जाएंगे और अगले मुकाबले के लिए उपलब्ध रहेंगे।

    पारिवारिक कारण से लौटना पड़ा था घर

    रिंकू को हाल ही में अचानक टीम छोड़कर घर जाना पड़ा था। उनके पिता खानचंद सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। चेन्नई पहुंचने के बाद जैसे ही रिंकू को पिता की नाजुक स्थिति की जानकारी मिली, वे तुरंत अपने घर के लिए रवाना हो गए थे।

    कोच ने खत्म की अटकलें

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोटक ने बताया कि रिंकू अब वापसी के लिए तैयार हैं और जल्द ही टीम से जुड़ जाएंगे। उनके इस बयान के बाद उन सभी अटकलों पर विराम लग गया, जिनमें कहा जा रहा था कि रिंकू टूर्नामेंट से बाहर हो सकते हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी या नहीं।

    पिता गंभीर बीमारी से जूझ रहे

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिंकू के पिता चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से पीड़ित हैं और वेंटिलेटर पर जीवन की जंग लड़ रहे हैं। अलीगढ़ में एलपीजी सिलेंडर वितरण का काम करने वाले उनके पिता ने संघर्षों के बावजूद बेटे को क्रिकेटर बनाने में अहम भूमिका निभाई। रिंकू ने पहले आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए शानदार प्रदर्शन कर पहचान बनाई और अब भारतीय टीम के लोअर ऑर्डर के अहम बल्लेबाज बन चुके हैं।

    टूर्नामेंट में अब तक रहा शांत बल्ला

    इस टूर्नामेंट में रिंकू अब तक पांच मैच खेल चुके हैं, लेकिन उनके बल्ले से सिर्फ 24 रन ही निकले हैं। बावजूद इसके, टीम को उनसे आगे बड़े मुकाबलों में अहम योगदान की उम्मीद है। जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी मैचों में उनकी भूमिका टीम इंडिया के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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