स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत के खिलाफ सड़क पर उतरे समर्थक! दिल्ली में थाने के बाहर हिंदू संगठनों का प्रदर्शन

नई दिल्ली। दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता जुटे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और मांग की कि मामले में दोनों पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो। यह विवाद 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले से जुड़ा है। शिकायत के बाद पुलिस ने स्वतंत्र के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया। इस बीच पुलिस ने एक नाबालिग से जुड़ी ऑनलाइन धमकी की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है।
स्वतंत्र की हिरासत के खिलाफ थाने के बाहर प्रदर्शन
शनिवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में नारे लगाए और पुलिस को ज्ञापन देने की कोशिश की। प्रदर्शन में हिंदू रक्षा दल और कुछ गौ रक्षक संगठनों से जुड़े लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वतंत्र के खिलाफ गंभीर धाराएं लगाई गई हैं और मामले में दूसरे पक्ष की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। प्रदर्शन का नेतृत्व दक्ष चौधरी द्वारा किए जाने की बात कही गई है।
जंतर-मंतर की मारपीट से शुरू हुआ विवाद
मामला 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ था। पुलिस के अनुसार वहां एक व्यक्ति अपनी 14 साल की बेटी के साथ मौजूद था। इसी दौरान कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ और मारपीट की घटना सामने आई। पीड़ित संजय कुमार की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मारपीट के दौरान उनके सिर में चोट लगी। पुलिस के मुताबिक उन्हें इलाज के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में चोट को साधारण बताया गया था।
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स्वतंत्र पर क्या है आरोप?
मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य व्यक्ति को नामजद किया गया था। एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र पर संजय कुमार पर हमला करने की बात कहने का आरोप लगाया गया। हालांकि बाद में स्वतंत्र ने इसे आत्मरक्षा बताया। उनका दावा था कि कई लोगों ने उन्हें घेर लिया था और उन्होंने खुद को बचाने के लिए कार्रवाई की। पुलिस ने पहले स्वतंत्र को पूछताछ के लिए बुलाया था। बाद में उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर होनी है।
नाबालिग से जुड़ी शिकायत ने बढ़ाया मामला
इस विवाद में अब एक और मामला जुड़ गया है। दिल्ली पुलिस ने नाबालिग को ऑनलाइन धमकी दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कथित ऑनलाइन धमकी किसने दी और इसमें किन लोगों की भूमिका थी, स्वतंत्र के समर्थक इस कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
PM मोदी से जुड़े वीडियो पर भी सवाल
प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े एक कथित वीडियो का मुद्दा भी उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वीडियो में आपत्तिजनक बातें कही गईं और इसमें कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। किसी वीडियो में किसी व्यक्ति की मौजूदगी मात्र से उसकी आपराधिक भूमिका साबित नहीं होती। पुलिस जांच के बाद ही यह साफ होगा कि वीडियो कब बनाया गया, किसने बनाया और इसे फैलाने में किसकी भूमिका थी।
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अब जांच के नतीजे पर नजर
स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। एक तरफ उनके समर्थक पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं पुलिस अलग-अलग शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है। फिलहाल इस पूरे विवाद में कई आरोप और दावे सामने आए हैं। इनकी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।



















