PU Special :Good Morning से Good Night तक महंगाई-शक्कर महंगी हुई तो घरों में चाय बंद, गुड़ का सहारा; बाहर भी चाय 5 रुपए तक महंगी

अखिल सोनी-राजीव कटारे, इंदौर-ग्वालियर। सुबह की चाय की चुस्की से लेकर रात के दूध तक, महंगाई अब परिवारों की रोजमर्रा की आदतों पर असर डाल रही है। पेट्रोल, गैस, दूध और किराना के बढ़ते खर्च के बाद शक्कर की बढ़ती कीमत ने भी घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। शक्कर के दाम 45 रुपए से बढ़कर 70 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। इसका असर यह है कि परिवार अब खर्च घटाने के लिए चाय बंद करने, दूध में शक्कर की जगह गुड़ इस्तेमाल करने और मीठी चीजों से दूरी बनाने जैसे फैसले ले रहे हैं। वहीं बाजार में बिकने वाली चाय भी महंगी हो गई है। इंदौर और ग्वालियर में चाय के दाम 5 रुपए तक बढ़ने से ग्राहकों की जेब पर असर पड़ रहा है। यानी घर हो या बाजार, चाय की चुस्की अब पहले से ज्यादा महंगी पड़ रही है।
बाहर की चाय भी महंगी
- पहले : 5-7 प्रति कप
- अब : 10-12 प्रति कप
- बढ़ोतरी : 5 प्रति कप
शक्कर की महंगाई से दो परिवारों पर अतिरिक्त बोझ
- परिवार-1 : 5 सदस्य
- शक्कर खपत (प्रतिमाह): 5–6 किलो
- अतिरिक्त खर्च (प्रतिमाह): 150 रुपए
- सालाना अतिरिक्त बोझ: 1,800 रुपए
- परिवार-2 : 7 सदस्य
- शक्कर खपत (प्रतिमाह) : 7–8 किलो
- अतिरिक्त खर्च (प्रतिमाह) : 200 रुपए
- सालाना अतिरिक्त बोझ: 2,400 रुपए
केस-1 : 5 सदस्य वाला परिवार (पति-पत्नी, माता-पिता और 18 साल का बेटा)
प्राइवेट कंपनी के आईटी डिपार्टमेंट में कार्यरत अभिषेक तिवारी ने बताया कि गैस, दूध, पेट्रोल और राशन जैसी जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से घर का बजट बिगड़ने लगा है। पहले ही कई चीजों में कटौती कर चुके हैं, अब और मुश्किल हो रही है। इसलिए परिवार ने मिलकर चाय और शक्कर से बनने वाली अन्य सामग्री बंद करने का फैसला लिया है। रात का दूध अब शक्कर की जगह हल्का गुड़ डालकर पीएंगे। अभिषेक के मुताबिक, चाय, दूध और घरेलू खपत में हर महीने 5-6 किलो शक्कर खर्च हो जाती है।
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केस-2 : 7 सदस्य वाला परिवार (पति-पत्नी, माता-पिता और तीन बच्चे)
आकांक्षा यादव और उनके पति अमित यादव दोनों वर्किंग हैं। आकांक्षा ने बताया कि महंगाई ने हर तरफ से आम आदमी का बजट बिगाड़ रखा है। बच्चों की पढ़ाई और मेडिकल के खर्च हर महीने बने हुए हैं। ऐसे में शक्कर की कीमत बढ़ने से घर का बजट और प्रभावित हो रहा है। हमने चाय और रात का दूध बंद करने का फैसला लिया है। इसके अलावा जिन चीजों में शक्कर का इस्तेमाल होता है, उन्हें भी फिलहाल नहीं बनाएंगे। शुरुआत में थोड़ी परेशानी होगी, लेकिन आदत पड़ने के बाद सब संभाल लेंगे। इससे हर महीने 7-8 किलो शक्कर की खपत भी बच जाएगी।
छह महीने में बढ़ी रसोई की लागत
- घरेलू गैस : 90 रुपए प्रति सिलेंडर
- कमर्शियल गैस : 1,000 रुपए प्रति सिलेंडर
- दूध : 3 रुपए प्रति लीटर
- शक्कर : 25 रुपए प्रति किलो
ग्वालियर में भी बढ़े दाम
ग्वालियर में पिछले एक महीने में खुदरा बाजार में शक्कर के दाम 45 रुपए किलो से बढ़कर 70 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। इसके साथ ही चाय के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। शहर में एक महीने पहले तक 7 रुपए में मिलने वाली कट चाय अब 10 रुपए की हो गई है, जबकि 10 रुपए वाली फुल चाय के दाम बढ़ाकर 12 से 15 रुपए कर दिए गए हैं। सुबह ऑफिस जाते समय दो बार चाय पीने वाले लोगों के लिए रोज का खर्च अब 14 रुपए से बढ़कर 20 से 30 रुपए तक पहुंच गया है। चाय विक्रेताओं के मुताबिक, सिर्फ शक्कर ही नहीं, चायपत्ती और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से भी चाय की लागत बढ़ी है। शहर में मिठाई के दाम भी 350 से 400 रुपए किलो के बीच हैं। कारोबारियों के मुताबिक, रक्षाबंधन से पहले मिठाई के दाम 50 से 100 रुपए किलो तक और बढ़ सकते हैं। हालांकि यह बढ़ोतरी मिठाई की गुणवत्ता और इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम पर निर्भर करेगी।
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चाय के दाम 4 से 5 रुपए बढ़ाए
गैस और दूध के दाम बढ़ने के बाद भी हमने चाय की कीमत नहीं बढ़ाई थी, लेकिन अब शक्कर महंगी हो गई है तो हमारी मजबूरी है। चाय के दाम 4 से 5 रुपए तक बढ़ा दिए हैं।
राकेश सोलंकी, चाय दुकानदार, इंदौर
शक्कर महंगी इसलिए दाम बढ़ाए
पहले दूध और गैस महंगी थी, अब शक्कर 45 से 70 रुपए हो गई है, इसलिए चाय के दाम बढ़ाने पड़े हैं।
राजू पाल, चाय विक्रेता, ग्वालियर





















