पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की आशंका ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ता है।
दोनों नेताओं के बीच होर्मुज स्ट्रटे (जलडमरूमध्य) की स्थिति और वहां आवाजाही की स्वतंत्रता बनाए रखने पर विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।
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मैक्रों इस मुद्दे पर सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने न केवल मोदी बल्कि डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से भी बातचीत की है। उन्होंने सभी पक्षों से तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना शर्त खोलने की अपील की है।
इस कूटनीतिक प्रयास को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को पेरिस में एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें फ्रांस और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सह-अध्यक्षता करेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में शांति बहाली और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई थी। इस साल दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी बातचीत थी। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की।
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