Strait Of Hormuz :ट्रंप के बाद होर्मुज मुद्दे पर मोदी- मैक्रों के बीच फोन कॉल, क्या कुछ हुई बातचीत?

इस बातचीत में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हर हाल में ‘खुला और सुरक्षित’ रखा जाना चाहिए। यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है।
ट्रंप के बाद होर्मुज मुद्दे पर मोदी- मैक्रों के बीच फोन कॉल, क्या कुछ हुई बातचीत?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की आशंका ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ता है। इसी बीच PM नरेंद्र मोदी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का फोन आया।

    दोनों नेताओं के बीच होर्मुज स्ट्रटे (जलडमरूमध्य) की स्थिति और वहां आवाजाही की स्वतंत्रता बनाए रखने पर विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।

    यह भी पढ़ें: होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर बढ़ा तनाव: 230 तेल टैंकर फंसे, UAE और EU ने जताई सख्त आपत्ति

    मैक्रों की शांति पहल तेज

    मैक्रों इस मुद्दे पर सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने न केवल मोदी बल्कि डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से भी बातचीत की है। उन्होंने सभी पक्षों से तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना शर्त खोलने की अपील की है।

    पेरिस में होगा विशेष सम्मेलन

    इस कूटनीतिक प्रयास को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को पेरिस में एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें फ्रांस और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सह-अध्यक्षता करेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में शांति बहाली और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    यह भी पढ़ें: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की चेतावनी: ईरान ने समझौता नहीं किया तो फिर से होगी जंग

    मोदी-ट्रंप के बीच भी हुई चर्चा

    इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई थी। इस साल दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी बातचीत थी। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की।

    Breaking News

    इन मुद्दों पर हुई बातचीत

    • ‘खुला और सुरक्षित’ रहे होर्मुज
      इस बातचीत में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हर हाल में ‘खुला और सुरक्षित’ रखा जाना चाहिए। यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है।
    • भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर
      विशेषज्ञों के अनुसार, यदि होर्मुज में बाधा आती है तो इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ेगा। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से ईंधन महंगा हो सकता है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ना तय है।
    • वैश्विक स्तर पर बढ़ी सतर्कता
      कुल मिलाकर, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती चिंता ने वैश्विक नेताओं को सक्रिय कर दिया है। लगातार हो रही बातचीत और कूटनीतिक प्रयास इस बात का संकेत हैं कि दुनिया इस संकट को टालने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

    Latest Posts