सिवनी मालवा: जुए के फड़ चलाने का आरोप, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

सिवनी मालवा। नगर के कई मोहल्लों और आसपास के गांवों में कथित तौर पर जुए का कारोबार चलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई की सूचना मिलते ही जुआ खेलने वाले मौके से भाग जाते हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने पर टीम भेजी जाती है, लेकिन मौके पर कोई नहीं मिलता। क्षेत्र में पुलिस को कथित संरक्षण मिलने और एक कार्रवाई के दौरान 3.50 लाख रुपये के लेन-देन की चर्चा भी है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा थोटा से पूरे मामले की गोपनीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि इन शिकायतों की वास्तविकता सामने लाने और जुए की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है।
जुए की फड़ों पर रोक लगाने को लेकर सवाल
सिवनी मालवा में लंबे समय से जुए की फड़ों के संचालन को लेकर शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पुलिस की कार्रवाई के बाद कुछ समय तक गतिविधियां बंद रहती हैं, लेकिन फिर दोबारा शुरू हो जाती हैं। ऐसे में नए थाना प्रभारी के आने के बाद भी अगर यही स्थिति बनी हुई है, तो पुलिस की निगरानी व्यवस्था और कार्रवाई की रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। दीपावली नजदीक आने के साथ ही इन गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
ये भी पढ़ें: हरदा में नवजात बच्ची को सड़क किनारे छोड़ने का मामला, मां और नानी हिरासत में
गाड़री मोहल्ले से बानापुरा तक जुए की फड़ें चलने के आरोप
नगर के गाड़री मोहल्ला, गोटियापुरा, झकलाय नाका, बानापुरा मोहल्ला और दो पीपलबाबा कॉलोनी सहित कई इलाकों में जुए की फड़ें संचालित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि जुए की गतिविधियां केवल नगर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैल रही हैं। हालांकि, इन स्थानों पर जुआ संचालित होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में शिकायतों का सत्यापन कर वास्तविक स्थिति सामने लाना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है।
पुलिस से कथित सांठगांठ और संरक्षण मिलने की चर्चाएं
क्षेत्र में कथित तौर पर जुए की फड़ें चलाने वाले कुछ लोगों के बारे में ऐसी बातें कही जा रही हैं कि दीपावली के सीजन में उनका कारोबार तेजी से चलेगा और उन्हें कार्रवाई का डर नहीं है। कुछ लोगों द्वारा पुलिस से कथित लेन-देन और संरक्षण मिलने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। यदि इन शिकायतों में कोई सच्चाई है, तो निष्पक्ष जांच के जरिए जिम्मेदारी तय करना और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।
पुलिस पर उठ रहे सवाल
पुलिस की ओर से अक्सर कहा जाता है कि जुए की फड़ संचालित होने की सूचना मिलने पर टीम कार्रवाई के लिए भेजी जाती है, लेकिन मौके पर कोई नहीं मिलता। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस के वाहनों के सायरन या कार्रवाई की भनक लगते ही जुआ खेलने वाले वहां से भाग जाते हैं। ऐसे में गोपनीय निगरानी, सादे कपड़ों में टीम भेजने और अचानक दबिश देने जैसे उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि शिकायतों का सत्यापन कर ऐसी रणनीति बनाई जाए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
गांवों की लंबी सूची और 3.50 लाख रुपये के कथित लेन-देन की चर्चा
सिवनी मालवा के अलावा बाबड़िया भाऊ, खरार, चबोरा, चौंतलाय, सतवासा, धर्मकुंडी, भरलाय, रावनपीपल, अमलाड़ा, कोठरा, झकलाय, बिल्दी, नाहड़कोला, गाजनपुर, लोखरतलाई और नंदरवाड़ा सहित अन्य गांवों में भी जुए की फड़ें संचालित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी बीच, क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि एक स्थान पर जुए के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस कथित तौर पर 3 लाख 50 हजार रुपये लेकर लौटी। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसे प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
नगर के नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा थोटा से मांग की है कि सिवनी मालवा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जुए की कथित फड़ों की जांच के लिए जिले से स्वतंत्र टीम भेजी जाए। नागरिक चाहते हैं कि स्थानीय पुलिस को पहले से सूचना दिए बिना गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया जाए, ताकि शिकायतों की वास्तविकता सामने आ सके। उनकी मांग है कि जुआ संचालित करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो और यदि किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत प्रमाणित होती है, तो उसके विरुद्ध भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इन शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और जुए की कथित गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई की जाती है।




















